
सीआइए की टीम पर डेहा बस्ती ( रादौर )के लोगों द्वारा पत्थराव किए जाने के कुछ दिन बाद ही रादौर में स्थानीय व क्षेत्र के लोगों को योगी सरकार की तर्ज पर शनिवार को बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। प्रशासन ने अवैध रूप से नगरपालिका की भूमि पर बसी डेहा बस्ती में बने 100 से अधिक अस्थाई घरो को भारी पुलिसबल की सहायता से तुडवाकर नगरपालिका की भूमि को दशको बाद कब्जामुक्त करवाया। कृषि विभाग के एसडीओ आशु कांबोज को जिला उपायुक्त की ओर से कार्रवाई को लेकर डयूटी मैजिस्टे्रट नियुक्त किया गया था। नगरपालिका की ओर से अवैध कब्जे हटवाने के लिए 4 जेसीबी मशीने मंगवाई गई थी। जेसीबी मशीनो से अस्थाई कब्जो को तहस नहस कर दिया गया। थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा के नेतृत्व में 100 से अधिक पुलिस कर्मचारी डयूटी पर तैनात किए गए थे। अवैध कब्जे हटवाने के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें मौके से खदेड दिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डेहा बस्ती से गुजरने वाली सड़क को दोनो ओर से बंद किया हुआ था। कब्जे हटाने के दौरान किसी को भी आसपास नहीं फटकने दिया। डेहा बस्ती वारदात के बाद अधिकतर लोग बस्ती अपने घरो ेको ताला लगाकर कई दिनो से फरार चल रहे है। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। नगरपालिका की ओर से नपा सचिव सुरेंद्र मलिक के छुट्टी पर होने के चलते एमई संदीप शर्मा, अकाउंटेंट नीरज कांबोज, बीआई आदित्य कांबोज व एसआई सुमित बैंस ने मोर्चा संभाला। वहीं डेहा बस्ती में स्थित अस्थाई घरों से सामान बाहर निकालने के लिए नपा दरोगा जितेंद्र सिंह बिट्टू व विपिन वाल्मीकि के नेतृत्व में 50 से अधिक सफाई कर्मचारियों की टीम जुटी हुई है। कर्मचारियों ने घरो से फ्रिज, कुलर, वाशिंग मशीन, चारपाइयां, सिलेंडर व अन्य सामान बाहर निकालकर नपा की ट्रालियों में लोड किया। नपा ने सामान को जब्त करते हुए उसे नगरपालिका कार्यालय भिजवाया। वहीं कार्रवाई के दौरान बिजली निगम की टीम ने अस्थाई घरो में दी गई बिजली की सप्लाई को काट दिया। जिससे अवैध कब्जाधारियों को बिजली की सप्लाई न मिल सके। नशा तस्कर को पुलिस से जबरन छुडवाना मंहगा पड़ा बस्ती के लोगों को- मंगलवार 16 जून को सीआइए असंध नशा तस्कर राजेंद्र कुमार निवासी करनाल को डेहा बस्ती में गिरफ्तार करने आई थी। लेकिन बस्ती के लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पुलिस पर ही ईंटे- रोडे बरसा कर उन्हें घायल कर दिया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को पुलिस की हिरासत से भागने में मदद की। जिसके बाद प्रशासन ने नशा तस्करो के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थाई घरो पर बुलडोजर चलवाकर नगरपालिका की भूमि को कब्जामुक्त करवाया। दशको से छोटाबांस में नगरपालिका की भूमि पर अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे डेहा बस्ती के लोगों पर बड़ी कार्रवाई करने की न तो गांव रादौरी की पंचायत ने कभी कौशिश की और न ही मौजूदा नगरपालिका ने कोई बड़ी कार्रवाई की। कभी गांव रादौरी की पंचायत का हिस्सा रही डेहा बस्ती अब नगरपालिका का हिस्सा है। लेकिन बस्ती में एक नशा तस्कर का साथ देना बस्ती के लोगों को इतना मंहगा पड़ गया कि आज 100 से अधिक घरों में रह रहे डेहा बस्ती के लोग बेघर हो गए है। बस्ती के लोग शनिवार को कार्रवाई के दौरान नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को कोसते नजर आए। जिसकी वजह से बस्ती में दशको रह रहे डेहा बस्ती के लोगों को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा और बस्ती के काफी परिवार बेघर होकर सड़को पर आ गए है। वोटो की राजनीति के चलते बसी डेहा बस्ती- कभी रादौरी, रतनगढ़ माजरा व छोटाबांस की एक पंचायत हुआ करती थी। बाद में रतनगढ़ माजरा की अलग पंचायत बनी। बाद में रादौरी व छोटाबांस की भी अलग-अलग पंचायते बन गई। इस दौरान पंचायत की छोटाबांस में खाली पड़ी भूमि पर बेतहाशा अवैध कब्जे हुए। इसी दौरान डेहा बस्ती भी अस्त्तिव में आई। पहले पहल डेहा बस्ती में बहुत कम संख्या में लोग रहते थे। बाद में वोटो की राजनीति के चलते बस्ती में लोगों द्वारा अवैध कब्जे करके अपने घर बना लिए गए। किसी ने वोटो के चलते इसका विरोध नहीं किया। 2016 में रादौर को नगरपालिका का दर्जा मिला तो छोटाबांस को नगरपालिका रादौर में शामिल कर लिया गया। हालांकि छोटाबांस के लोगों ने इसका विरोध भी किया था। लेकिन सरकार के सख्त रूख के चलते छोटाबांस के लोगों की एक न चली। देखते ही देखते नगरपालिका के कार्यकाल में भी डेहा बस्ती में भारी संख्या में लोगों ने अवैध कब्जे किये। आलम यह रहा कि नगरपालिका की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जाधारियों ने कब्जा कर लिया। नगरपालिका रादौर की ओर से अवैध कब्जधारियों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। आज नगरपालिका के पार्षदो ने डेहा बस्ती में बिक रहे नशीले पदार्थो व पुलिस पर पत्थराव की घटना के बाद प्रस्ताव पास कर प्रशासन के अधिकारियों को दिया। शुक्रवार को नपा चेयरमैन रजनीश मेहता शालु के नेतृत्व में शहर के पार्षद एसडीएम रादौर से मिले थे। पार्षदो की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी। ज्ञापन देने के 24 घंटे के अंदर ही प्रशासन ने डेहा बस्ती में शनिवार को बड़ी कार्रवाई की।
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Ballah, Karnal | Jun 21, 2026