क्या गलत के खिलाफ खड़े होने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी? पटना जंक्शन के पास से/क्स रैकेट के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले समाजसेवी बंटी यादव की ह/त्या की खबर ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। बंटी यादव के घर का माहौल देखकर हर किसी की आंखें नम हो रही हैं। उनकी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है, पत्नी गहरे सदमे में है। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को खो चुके हैं। उनकी बेटी की तबीयत भी इतनी बिगड़ गई कि उसे पानी चढ़ानी पड़ी। एक परिवार जिसने अपना सहारा खो दिया और अब सिर्फ इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है।
यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल है।बंटी यादव की ह/त्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच पर हैं। उम्मीद है कि सच सामने आएगा, दोषियों को सज़ा मिलेगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
परिजन मांग रहा है हत्यारा को हो फांसी