
"नाम चढ़ाने के लिए नोट चढ़ाओ!" खैरथल-तिजारा में पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
खैरथल-तिजारा। राजस्व रिकॉर्ड में नाम चढ़ाने की सरकारी प्रक्रिया को कथित तौर पर "नोट चढ़ाने" की निजी प्रक्रिया में बदलने वाली एक पटवारी आखिरकार एसीबी के जाल में फंस गई। पटवार हल्का सांथलका की पटवारी श्रीमती आशा देवी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मामला ऐसा है कि पिता के निधन के बाद परिवार के नाम इंतकाल खुलवाने और रिकॉर्ड में सुधार करवाने पहुंचे परिवादी को शायद लगा होगा कि वह सरकारी कार्यालय आया है, लेकिन कथित तौर पर वहां "सेवा शुल्क" की अलग ही परंपरा चल रही थी। आरोप है कि काम के बदले 30 हजार रुपये की मांग की गई। सत्यापन में 10 हजार रुपये पहले लेने और 5 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग भी सामने आ गई।
एसीबी ने भी इस बार राजस्व रिकॉर्ड की तरह फाइल को वर्षों तक नहीं घुमाया। जाल बिछाया गया और जैसे ही 5 हजार रुपये का लेन-देन हुआ, पटवारी महोदया सीधे एसीबी की गिरफ्त में पहुंच गईं। दिलचस्प बात यह रही कि रिश्वत की रकम उनके बैग से बरामद हुई, हालांकि अब बैग यह नहीं बता पा रहा कि उसमें सरकारी कागजात ज्यादा थे या "सुविधा शुल्क"।
फिलहाल एसीबी जांच में जुटी है। लेकिन इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम आदमी को अपने ही हक के कागजों पर नाम चढ़वाने के लिए कितनी बार "नोटों की एंट्री" करवानी पड़ेगी?
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