
पहले मेयर गजराज ने अब विद्यायक बंशीधर भगत ले आये शासनादेश।
अप्रैल 2025 में मेयर गजराज ने भी बदल दिया था कठघ रिया चौराहे के नाम
नाम लेकिन शासन के एक दिन पूर्व हुए आदेश की वजह से यह मूर्त रूप नही ले पाया था।
यह खबर टैब की है जब अप्रैल में मेयर गजराज ने चौराहे के नाम श्री 1008 बाबा हैड़ाखान रखा था।
हल्द्वानी में मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने शुक्रवार को एक समारोह में कठघरिया चौराहे का नाम 1008 बाबा हैड़ाखान चौक और कठघरिया मंदिर से चंबल पुल तक मार्ग का नाम बाबा हैड़ाखान के नाम पर रख इसका उद्घाटन किया। इसके बाद विवाद भी खड़ा हो गया है। नगर निगम की आयुक्त ने पूरे आयोजन को मेयर का निजी कार्यक्रम बता दिया है, जिसमें नगर निगम का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे आने वाले समय में नगर निगम के भीतर टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य की कुछ सड़कों और इलाकों के नाम बदले गए थे। इसको लेकर राज्य भर में सियासी चर्चाएं हुई थीं। इसी बीच एक दिन पहले 17 अप्रैल को राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिया गया कि शासन की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल, मार्ग या चौराहे का नामकरण नहीं किया जाएगा। प्रदेश के सभी नगर आयुक्त व ईओ को आदेशों का सख्ती से पालन कराना है। उसी आदेश का अनुपालन करते हुए नगर निगम हल्द्वानी प्रशासन की ओर से मेयर गजराज सिंह बिष्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में एक भी निगम कर्मी मौजूद नहीं रहा।
इस मौके पर मेयर ने कहा कि बोर्ड बैठक में शहर के कई सड़कों और चौराहों का नाम महापुरुषों व विभूतियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया था। कुछ सड़कों और चौराहों के नाम बदले जा चुके हैं। आज कठघरिया चौक और सड़क का नया नामकरण कर दिया गया है। बिष्ट ने कहा कि बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से प्रस्ताव पास किया गया था। स्थानीय लोग भी लंबे समय से शासन-प्रशासन से नाम बदलने की मांग कर रहे थे। वैसे भी कठघरिया नाम उचित प्रतीत नहीं हो रहा था। इस मौके पर बाबा हैड़ाखान मंदिर समिति अध्यक्ष खुशाल पंत, जिला महामंत्री नवीन भट्ट, मंडल महामंत्री चंद्रप्रकाश, पार्षद मनोज भट्ट, मनोज जोशी, जिला मंत्री कमल किशन पांडेय, प्रमोद बोरा, प्रदेश मंत्री युवा मोर्चा विपिन पांडेय, दिनेश सुयाल, भुवन सुयाल, भुवन भट्ट, बालम देवका, धनश्याम सुयाल आदि उपस्थित रहे।
एक दिन पहले ही आदेश आया है कि बिना शासन की पूर्व अनुमित के किसी भी सार्वजनिक स्थल, मार्ग या चौराहे का नाम नहीं बदला जाएगा। कठघरिया चौराहे का नाम बदलने का मामला मेयर का व्यक्तिगत है। कार्यक्रम में नगर निगम का कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। निगम प्रशासन ने इस कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी थी। -ऋचा सिंह, आयुक्त नगर निगम
मुझे न तो कोई शासन का आदेश मिला है और न ही इस तरह की कोई जानकारी है। बोर्ड की बैठक में सभी सदस्यों की सहमति पर प्रस्ताव पास किया गया था। स्थानीय लोग भी लंबे समय से शासन-प्रशासन से नाम बदलने की मांग कर रहे थे। जनभावना का सम्मान करते हुए कठघरिया चौक का नया नाम रखा गया। -गजराज सिंह बिष्ट, मेयर