
#आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ #लेफ्टिनेंट #जनरल
#देवेंद्र_शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम 31 अगस्त 2026 को #भारतीय_सेना से सेवानिवृत्त हो गए।
इसके साथ ही राष्ट्र के प्रति उनकी 39 वर्षों की गौरवपूर्ण और समर्पित सैन्य सेवा का अध्याय पूरा हो गया।
दूसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने सामूहिक रूप से एक सदी से अधिक समय तक देश की सेवा की है।
उनके पिता स्वर्गीय विंग कमांडर शिव कुमार शर्मा भारतीय #वायुसेना के #लड़ाकू #विमान #पायलट थे
और 1961 के गोवा अभियान, 1962 में फुकचेह व डेमचोक, 1965 में हलवारा तथा 1971 में पठानकोट के सैन्य अभियानों में शामिल रहे। उनके बड़े भाई एयर कमोडोर शैलेंद्र शर्मा मिराज-2000 पायलट रहे और 1999 के #कारगिल युद्ध के दौरान हवाई अभियानों में शामिल हुए।
1965 में #सरगोधा में उनका विमान गिर गया था जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था इसके बावजूद उन्होंने खुद को दोबारा विमान उड़ाने लायक फिट किया।
मेयो कॉलेज #अजमेर के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 71वें कोर्स और भारतीय सैन्य अकादमी के 81 रेगुलर कोर्स में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वे दोनों संस्थानों में महत्वपूर्ण कैडेट पदों पर रहे। भारतीय सैन्य अकादमी में उन्हें प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और बेस्ट स्पोर्ट्समैन का सिख लाइट इन्फैंट्री मेडल मिला।
19 दिसंबर 1987 को उन्होंने भारतीय सेना की प्रसिद्ध बख्तरबंद रेजिमेंट ‘द सिंध हॉर्स’ में कमीशन प्राप्त किया।
#जम्मूकश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान 11 #राजपूताना राइफल्स के साथ #आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता के लिए उन्हें सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया।