
"हिमाचल के वाहनों को पंजाब में नहीं मिली एंट्री, यात्रियों को हुई परेशानी"
"पंजाब सीमा पर रोके गए हिमाचल के वाहन, बढ़ी दिक्कतें"
ऊना,ब्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल से पंजाब की तरफ जा रहे वाहन चालकों के समक्ष उस वक्त अजीब स्थिति पैदा जो गई, जब उन्हें स्थानीय शहीद कैप्टन अमोल कालिया प्रवेश द्वार से पंजाब की तरफ नहीं जाने दिया गया। आखिरकार इन वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से होते हुए पंजाब की ओर जाने को विवश होना पड़ा। सोमवार को पंजाब के कुछ जत्थेदार मैहतपुर प्रवेश द्वार पर पंजाब की ओर धरना-प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने हिमाचल से पंजाब की ओर जाने वाले सभी वाहनों का रास्ता रोक दिया। ये लोग हिमाचल सरकार से मांग कर रहे थे कि प्रवेश द्वार पर लगाए गए टोल टैक्स को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए अन्यथा हिमाचल से आने वाले किसी भी वाहन को पंजाब में नहीं घुसने दिया जाएगा। इन लोगों का कहना है कि जब भी कोई वाहन खरीदना है तो वह हर प्रकार का टैक्स चुकता कर देते हैं। वाहन चालक अलग से रोड टैक्स भी अदा कर रहे हैं। ऐसे में हिमाचल में दाखिल होने पर उनसे अलग से एंट्री टैक्स की वसूली क्यों की जा रही है।धरना दे रहे जत्थेदारों ने कहा कि उन्होंने 15 अक्तूबर 2025 को भी डीसी रूपनगर को एक ज्ञापन सौंप कर आगाह किया था कि जिस प्रकार हिमाचल सरकार ने अपने प्रवेश द्वारों पर एंट्री टैक्स लगा रखा है, ठीक उसी प्रकार पंजाब सरकार भी हिमाचल से पंजाब आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाए। मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विश्वास दिलाया था कि पंजाब सरकार भी टोल टैक्स लगाएगी लेकिन आज दिन तक नहीं लगाया गया।जत्थेदार कश्मीर सिंह नंगली ने कहा कि हिमाचल सरकार ने जो स्थानीय बैरियर पर टोल टैक्स लगा रखा है, इसे हम गुंडा टैक्स मानते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने भी हमें आश्वासन तो दिया परंतु आज दिन तक कुछ नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें आज धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।