
**महाराष्ट्र में संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी का बेटा: बिलखते पिता ने लगाई गुहार, SP सुरेंद्र कुमार जैन ने तत्काल दिए जांच के आदेश**
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंजरा (फरहदा) निवासी और खुद खाकी वर्दी पहनकर ताउम्र देश व समाज की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी योगेंद्र सिंह पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस पिता ने दिन-रात एक करके, अपनी मेहनत और पसीने से बेटे सुनील सिंह का लालन-पालन किया और उसे बड़ा किया, आज वही बेटा महाराष्ट्र में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया है। कहते हैं कि *‘बाप के कंधे पर अगर जवान बेटे का बोझ या उसकी गुमशुदगी का दर्द आ जाए, तो पहाड़ सा मजबूत जिगरा भी मोंम की तरह पिघल जाता है।’* ताउम्र दूसरों के न्याय के लिए लड़ने वाले इस लाचार पिता की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और वे अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। दरअसल, सुनील सिंह महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में स्थित एक बीयर बार में नौकरी करता था। बीती 13 सितंबर 2026 की शाम लगभग 8 बजे वह अपने ही गांव के साथी 'मिर्चाई' (सत्यराज सिंह का पुत्र) के साथ निकला था। दोनों अहिल्या नगर रेलवे जंक्शन की ओर गए थे, लेकिन इसके बाद से ही सुनील का कोई अता-पता नहीं चला। हालांकि साथी मिर्चाई का कहना है कि उसने सुनील को रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था और वह खुद दूसरे भाई के कमरे पर जाकर सो गया, लेकिन जब परिजनों ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसके बयानों में लगातार विरोधाभास और असंतोषजनक बातें सामने आने लगीं। घटना के अगले ही दिन मिर्चाई का पुणे चले जाना और सुनील के मोबाइल का लगातार बंद आना, किसी बड़ी अनहोनी या गंभीर साजिश की ओर साफ इशारा कर रहा है। मामले की गंभीरता और लाचार पिता के दर्द को देखते हुए मऊगंज जिले के संवेदनशील पुलिस कप्तान SP सुरेंद्र कुमार जैन ने तत्काल बड़ा एक्शन लिया। पीड़ित पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपते ही SP सुरेंद्र कुमार जैन ने बिना किसी देरी के संबंधित लौर थाना प्रभारी को जांच अधिकारी नियुक्त कर सख्त निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं, साथी से कड़ाई से पूछताछ हो और आवश्यकता अनुसार Zero FIR दर्ज कर महाराष्ट्र पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बेटे की शीघ्र तलाश की जाए। गौरतलब है कि इस पूरे संवेदनशील मामले को लेकर कल अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) सची पाठक से भी विस्तृत बातचीत की गई थी। उन्होंने भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव कानूनी मदद और निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया था। मऊगंज जिले में जिस तरह से पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन और SDOP सची पाठक जैसे जांबाज अधिकारी पीड़ितों के दर्द को समझकर तुरंत धरातल पर एक्शन ले रहे हैं, वह बेहद काबिल-ए-तारीफ है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली से जनता का विश्वास पुलिस प्रशासन पर और गहरा हुआ है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि मऊगंज जिला अब कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के पैमाने पर एक सकारात्मक बदलाव और सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
*विशेष समाचार रिपोर्ट: संपादक दीपक कुमार गुप्ता (मो. 7566164891)*
*(इंडिया हेडलाइन 24 - मऊगंज ग्राउंड रिपोर्ट)*
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Mauganj, Rewa | Sep 21, 2026