
खराब सड़क ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग, इकलौते बेटे की मौत से मां पर टूटा दुखों का पहाड़
उत्तराखंड रामनगर-रानीखेत मार्ग पर कुमेरिया और सोराल के बीच 12 सितंबर की रात करीब 9 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। चौखुटिया के गजार गांव निवासी 36 वर्षीय युवा डंपर चालक जसवंत सिंह उर्फ गुड्डू का डंपर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में जसवंत की मौत हो गई।
जसवंत के अचानक चले जाने से परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और अविवाहित थे। बेटे की मौत की खबर ने मां को अंदर तक तोड़ दिया। जिस बेटे को मां ने बड़े अरमानों से पाला, वही बेटा अब हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गया।
जसवंत शांत और सरल स्वभाव के युवक बताए जा रहे हैं। वह डंपर चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। लेकिन बदहाल सड़क ने एक और घर का इकलौता चिराग बुझा दिया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रामनगर-रानीखेत मार्ग पर जगह-जगह सड़क की खराब स्थिति और गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर सड़क की हालत सुधारने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार विभाग कब गंभीर होंगे?
क्या एक और परिवार उजड़ने का इंतजार किया जा रहा है?
स्थानीय लोग अब सवाल कर रहे हैं—क्या यही है डबल इंजन सरकार का विकास? अगर सड़कें ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी अपनी जान की सुरक्षा की उम्मीद किससे करे?
जसवंत की मौत सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक मां के बुढ़ापे का सहारा छिन जाने की दर्दनाक कहानी है। प्रशासन और सरकार को अब इन सड़कों की बदहाल स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देना होगा, ताकि किसी और मां को अपने इकलौते बेटे की अर्थी न देखनी पड़े।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दें।
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