
उत्तर प्रदेश के रामपुर में लगे पोस्टरों ने प्रदेश में राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ी हुई हैं। अब्दुल्ला आजम के फर्जी पैन कार्ड मामले में 10 साल की सजा पाए आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली थी। रामपुर जेल से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आजम के समर्थन में उठ रही राजनीतिक आवाजों के बीच रामपुर में नए पोस्टर वार ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
रामपुर शहर के प्रमुख स्थान पर होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इसमें आजम खान के साथ हुई कार्रवाई पर सीधे भाजपा सरकार को चेतावनी दी गई है। पोस्टरों पर लिखे नारों में साफ संदेश देने की कोशिश की गई है कि सत्ता परिवर्तन होने पर आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई का एक-एक हिसाब लिया जाएगा। पोस्टरों पर संदेश लिखा है, 'जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे'। रामपुर शहर के थाना शहजादनगर क्षेत्र में जीरो पॉइंट स्थित मोदी मॉल के सामने लगाए गए इन होर्डिंग्स ने राहगीरों और राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है, आजम खान पर हुए एक-एक जुल्म का हिसाब है। इसके साथ ही, चर्चित नारे जेल के ताले टूटेंगे, आजम खान छूटेंगे भी पोस्टर पर लिखा गया है।
पोस्टरों के जरिए आजम खान के समर्थन में माहौल बनाने के साथ ही भविष्य की राजनीति को लेकर भी संदेश देने की कोशिश की गई है। दरअसल, यूपी चुनाव 2027 को लेकर आजम खान को महत्वपूर्ण बनाने की कोशिश लगातार हो रही है। पिछले दिनों अखिलेश यादव ने भी उनसे रामपुर जेल में मुलाकात की थी।