
धरती पर भगवान बने मोतिहारी के डॉक्टर! बिना सिर खोले नाक के रास्ते निकाला ब्रेन ट्यूमर, लौटाई आंखों की रोशनी
"डॉक्टर धरती पर भगवान का रूप होते हैं"—यह बात प्रयागराज की रहने वाली विजया कुमारी और उनके परिवार के लिए शत-प्रतिशत सच साबित हुई है। उनके पति विजय बहादुर ने नम आंखों से आभार जताते हुए कहा, "डॉ. खेतान हमारे लिए भगवान हैं, उन्होंने मेरे परिवार को बचा लिया।"
चिकित्सा जगत में मोतिहारी के लाल और प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. प्रकाश खेतान ने एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। प्रयागराज स्थित अपने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उन्होंने एक अत्यंत जटिल ऑपरेशन को अंजाम देते हुए, मरीज का मस्तिष्क खोले बिना एंडोस्कोपिक (दूरबीन) विधि से नाक के रास्ते एक विशाल ब्रेन ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।
चमत्कारिक रूप से वापस लौटी रोशनी:
ट्यूमर के भारी दबाव के कारण मरीज विजया कुमारी की आंखों की रोशनी पूरी तरह जा चुकी थी। लेकिन डॉ. खेतान की इस जादुई सर्जरी के बाद उनकी दृष्टि पूरी तरह वापस लौट आई है।
नाममात्र के खर्च में मिला इलाज:
देश के बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों में इस तरह की जटिल सर्जरी का खर्च 15 से 20 लाख रुपये तक आ जाता है, लेकिन डॉ. खेतान ने इसे बेहद कम खर्च में संभव कर मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। उनकी इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी फोन कर उन्हें बधाई दी है।
गिनीज और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके डॉ. खेतान मूल रूप से मोतिहारी के स्टेशन रोड के रहने वाले हैं। इतनी बड़ी ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद, वह हर महीने चार दिन मोतिहारी आते हैं और अपने माता-पिता की स्मृति में स्थानीय मरीजों की निस्वार्थ सेवा करते हैं।
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