“क्या सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए? जनता से जानिए – Yes या No”
सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि भर्ती पूरी तरह योग्यता (Merit) के आधार पर होनी चाहिए। उनका तर्क है कि कई बार उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी चयन से वंचित रह जाते हैं, जबकि आरक्षण के कारण कम अंक वाले उम्मीदवारों का चयन हो जाता है।
वहीं, दूसरी ओर आरक्षण के समर्थकों का कहना है कि यह व्यवस्था सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को समान अवसर देने के लिए संविधान के तहत लागू की गई है और आज भी इसकी आवश्यकता बनी हुई है।
आपकी राय क्या है?
क्या सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए?
👍 YES या 👎 NO
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नोट: यह एक जनमत (Public Opinion) आधारित पोस्ट है। कृपया अपनी राय शालीन भाषा में रखें और एक-दूसरे का सम्मान करें।
Kullu, Kullu | Jul 2, 2026