
होटल, कैंप पंजीकरण और सुरक्षा मानकों पर जिला प्रशासन-होटलियर्स एसोसिएशन की बैठक
नवीन शर्मा की रिपोर्ट
केलांग। उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) केलांग कुनिका एकर्स की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय केलांग के सम्मेलन कक्ष में होटलियर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में होटल, कैंप पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यटन गतिविधियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें होटल व्यवसायियों, कैंप संचालकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान होटलों एवं अन्य स्थायी पर्यटन ढांचों के पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधानों और कैंपों के पंजीकरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने होटल एवं कैंप संचालकों को पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से संबंधित सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही हैं, इसलिए सभी संचालकों को पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड बनाकर आवेदन एवं अन्य आवश्यक कार्य पूरे करने चाहिए।
बैठक में होटलियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने लाहौल में एक विशेष सुविधा शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहकर होटल एवं कैंप संचालकों के लंबित दस्तावेजीकरण, पंजीकरण और एनओसी संबंधी मामलों का मौके पर समाधान कर सकें। उनका कहना था कि इससे स्थानीय व्यवसायियों का समय बचेगा और उन्हें विभिन्न कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अग्निशमन विभाग ने सभी होटलों, कैंपों और पर्यटन इकाइयों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम कुनिका एकर्स ने होटल एवं कैंप संचालकों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके सभी वास्तविक और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के मद्देनजर एसडीएम ने सभी पर्यटन हितधारकों से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का नियमित रूप से अनुसरण करने का आग्रह किया। उन्होंने होटल एवं कैंप संचालकों को मौसम और आपदा संबंधी चेतावनियों के प्रति सतर्क रहने तथा उनका पालन करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और होटल एवं कैंप संचालकों को पर्यटकों को नदी-नालों तथा तेज बहाव वाले जल स्रोतों के निकट अनावश्यक साहसिक गतिविधियों से बचने के लिए जागरूक करना चाहिए। मानसून के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र के सुव्यवस्थित विकास, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा तथा सभी नियामकीय प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर डीएफओ इंद्रजीत सीरा, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी रतन चंद, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
Morang, Kinnaur | Jun 21, 2026