
प्रेस नोट।
लोकसभा में सांसद राहुल कस्वां का सवाल — राजमार्गों पर 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे राजस्थान सरकार।
दिल्ली। चूरू संसदीय क्षेत्र से सांसद राहुल कस्वां ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे प्रस्तावित 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के संबंध में राजस्थान सरकार से इसकी क्रियान्वयन रणनीति तत्काल स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने यह मांग सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संसद में दिए गए उस स्पष्ट उत्तर के बाद की है, जिसमें कहा गया है कि इस विषय का अधिकार क्षेत्र राज्य सरकार के अंतर्गत आता है।
लोकसभा में राहुल कस्वां द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के संबंध में मंत्रालय द्वारा कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह विषय फलोदी दुर्घटना प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 13 अप्रैल, 2026 को दिए गए निर्देशों से संबंधित है। साथ ही मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भवन रेखा (Building Line) एवं कंट्रोल लाइन का विनियमन, अधिसूचना जारी करना तथा उसका क्रियान्वयन संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। अतः राजस्थान में इन प्रावधानों का क्रियान्वयन एवं अनुपालन राजस्थान सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।
सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि इस स्पष्टीकरण से अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से राजस्थान के हजारों निवासी, व्यापारी, किसान एवं संपत्ति मालिक अपने घरों, व्यवसायों एवं आजीविका के भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।
सांसद कस्वां ने कहा कि सड़क सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, लेकिन इसके साथ-साथ आम नागरिकों की वास्तविक चिंताओं के प्रति भी उतनी ही संवेदनशीलता आवश्यक है। इत: राजस्थान सरकार इस विषय पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया तथा प्रभावित परिवारों एवं व्यवसायों के हितों की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले उपायों के संबंध में तत्काल सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करे, ताकि आमजन तक सही व स्पष्ट सूचना पहुंचे। सही ढ़ंग से स्पष्टता से भ्रम की स्थिति दूर होगी और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगेगी तथा आमजन का विश्वास मजबूत होगा।
सांसद राहुल कस्वां ने कहा कि आज अनेकों लोग 40/75 मीटर कंट्रोल लाइन के संबंध में चिंतित और परेशान हैं। केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि कंट्रोल लाइन का क्रियान्वयन राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अत: राजस्थान की जनता को अब और अधिक अनिश्चितता की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए। प्रदेश की जनता को स्पष्ट नीति, पारदर्शी दिशा-निर्देश तथा यह भरोसा मिलना चाहिए कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते समय उनकी आमजन की पुश्तैनी जमीन और उस पर स्थापित आवास व अन्य व्यावसायिक गतिविधियों तथा आजीविका सम्बन्धि अन्य वास्तविक समस्याओं की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।