
ग्राम प्रधानों और मूल रैयत प्रधानों ने उठाई मानदेय बढ़ाने की मांग, मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने उपायुक्त को की अनुशंसा।
देवघर: – जिले के ग्राम प्रधानों और मूल रैयत प्रधानों ने बकाया मानदेय के भुगतान, मानदेय में समानता और बढ़ोतरी की मांग को लेकर झारखंड सरकार से पहल करने की अपील की है। इस संबंध में ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष श्यामकांत झा ने झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण सह जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन अंसारी को तीन सूत्री मांग पत्र सौंपा। वहीं, मंत्री ने आवश्यक कार्रवाई के लिए देवघर उपायुक्त को अपनी अनुशंसा भेजी है।
सौंपे गए मांग पत्र में दिसंबर 2025 से सितंबर 2026 तक के बकाया मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले करने की मांग की गई है। इसके अलावा ग्राम प्रधान और मूल रैयत प्रधानों के मानदेय में समानता लाने की भी अपील की गई है।
आवेदन के अनुसार, वर्तमान में ग्राम प्रधानों को प्रतिमाह 4,000 रुपये, जबकि मूल रैयत प्रधानों को 2,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। संघ ने दोनों के मानदेय में समानता सुनिश्चित करने के साथ ही महंगाई को देखते हुए मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 10,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष श्यामकांत झा ने मंत्री से इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। वहीं, मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए देवघर उपायुक्त को अनुशंसा की है। इससे ग्राम प्रधानों और मूल रैयत प्रधानों की मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर पहल की उम्मीद जगी है।#Deoghar #MoolRaiyatPradhan #HafizulHassanAnsari #GramPradhan #Update