
सीएमओ हाउस पर मरम्मत के नाम पर 5 लाख खर्च, फिर भी सूना आवास! नगर परिषद मऊगंज में उठे बड़े सवाल
पेट्रोल न्यूज़ मऊगंज। नगर परिषद मऊगंज का सीएमओ आवास एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि जिस सरकारी आवास में पूर्व सीएमओ कई वर्षों तक बिना किसी बड़े मेंटेनेंस के रहे, उसी आवास पर नए सीएमओ के आने से पहले करीब 5 लाख रुपये खर्च कर मरम्मत कराई गई। अब स्थिति यह है कि आवास पर ताला लटका है और नए सीएमओ का आवागमन रीवा से हो रहा है। ऐसे में लाखों रुपये के खर्च पर सवाल उठने लगे हैं।
6 साल बिना खर्च, फिर अचानक लाखों का मेंटेनेंस
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व सीएमओ महेश पटेल करीब छह वर्षों तक इसी सरकारी आवास में रहे, लेकिन उस दौरान बड़े मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ी। उनके स्थानांतरण के बाद नए सीएमओ राहुल शर्मा के लिए आवास का व्यापक मेंटेनेंस कराया गया, जिस पर लगभग पांच लाख रुपये खर्च किए जाने की चर्चा है।
50 लाख के बिल भुगतान को लेकर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, नए सीएमओ के कार्यकाल के दौरान लगभग **50 लाख रुपये के लंबित बिलों का भुगतान भी किया गया। इसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी राशि का मेंटेनेंस किस आधार पर कराया गया और उसका लाभ किसे मिला, जबकि आवास वर्तमान में खाली पड़ा हुआ है।
नए सीएमओ नहीं रह रहे सरकारी आवास में
जानकारी के मुताबिक वर्तमान सीएमओ फिलहाल रीवा से आना-जाना कर रहे हैं और सरकारी आवास का उपयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब आवास का उपयोग ही नहीं होना था, तो लाखों रुपये खर्च करने की आवश्यकता क्या थी?
जनता मांग रही जांच
नगरवासियों का कहना है कि सरकारी धन जनता की गाढ़ी कमाई है। यदि वास्तव में लाखों रुपये का मेंटेनेंस हुआ है, तो उसकी गुणवत्ता, आवश्यकता और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि वर्तमान में खाली पड़े सरकारी आवास पर किया गया खर्च कितना उचित था।
यदि नगर परिषद या संबंधित अधिकारी इस मामले में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो पेट्रोल न्यूज़ उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
Mauganj, Rewa | Jul 3, 2026