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Petrol News

@charming_alok
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मऊगंज में शराब माफिया बेखौफ, गांव-गांव परोसा जा रहा ज़हर! पुलिस और आबकारी की कार्यशैली पर सवाल?
टिकट कटने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए नरोत्तम मिश्रा
*मिलावट से मुक्ति अभियान: सेमरिया में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक जब्त, रीवा के समोसा होटल पर गंदगी में खाना बनाते पकड़ा

 *कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य टीम की दबिश, इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट और बेनाम समोसा होटल के संचालकों पर खाद्य अधिनियम के तहत कार्रवाई*

पेट्रोल न्यूज़ रीवा।  जिले में मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ 'मिलावट से मुक्ति अभियान' के तहत कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के सख्त निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने सेमरिया और इलाहाबाद रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर औचक दबिश दी, जहाँ भारी अनियमितताएं पाई गईं।
 *सेमरिया में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बरामद*
अभियान के दौरान टीम ने सेमरिया स्थित 'इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट' की बारीकी से जांच की। जांच में रेस्टोरेंट के भीतर ग्राहकों को परोसने के लिए रखी गईं एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक्स की 15 बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें टीम ने तुरंत जब्त कर लिया। 
इस गंभीर लापरवाही पर रेस्टोरेंट संचालक लवकुश चौरसिया के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 *इलाहाबाद रोड के समोसा होटल पर गिरी गाज*
इसी क्रम में टीम ने इलाहाबाद रोड रीवा स्थित 'बेनाम समोसा होटल' का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान होटल का नजारा बेहद चौंकाने वाला था, जहाँ संचालक अरविंद साहू द्वारा अत्यंत गंदगी और अस्वच्छ माहौल में समोसे एवं मिठाइयाँ बनाई जा रही थीं और उन्हीं को ग्राहकों को बेचा जा रहा था। 
आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने और गंदगी में खाद्य पदार्थों का निर्माण व विक्रय करने के इस कृत्य को अपराध मानते हुए, टीम द्वारा संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 58 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

 *खाद्य विभाग ने जारी की चेतावनी*
इस कार्रवाई के साथ ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी और अपील जारी की है। विभाग ने कहा है कि चूंकि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए सभी संचालक अपने व्यावसायिक परिसर को कीड़े-मकोड़ों और गंदगी से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक सुधार और पुख्ता व्यवस्था कर लें, अन्यथा आने वाले दिनों में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
*मऊगंज में शराब सिंडिकेट बेलगाम!*

*एमआरपी को ठेंगा, हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये की खुली वसूली*

*आबकारी विभाग पर उठे सवाल, जनता बोली- आखिर किसके संरक्षण में चल रही है यह लूट?*

*मऊगंज।* जिले में शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चाक मोड़ स्थित सिंचाई विभाग के सामने संचालित शराब दुकान पर निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें या तो बहाने बनाकर टाल दिया जाता है या फिर कहा जाता है कि "यही रेट है, लेना हो तो लो।"

*एमआरपी सिर्फ बोतल पर, बिक्री अपनी मर्जी से*

शराब की प्रत्येक बोतल पर कंपनी द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) स्पष्ट रूप से अंकित होता है, लेकिन आरोप है कि इस दुकान पर तय मूल्य को नजरअंदाज कर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की अन्य दुकानों की तुलना में यहां शराब अधिक कीमत पर बेची जा रही है।

*आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और कार्रवाई होती, तो खुलेआम ओवररेटिंग संभव नहीं होती। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 

*जनता ने की जांच की मांग*

स्थानीय उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान पर औचक निरीक्षण कराया जाए, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच हो तथा यदि ओवररेटिंग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

*कलेक्टर से कार्रवाई की उम्मीद*

जिले में प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचाने जाने वाले कलेक्टर से लोगों को उम्मीद है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एमआरपी से अधिक वसूली हो रही है तो दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ आबकारी विभाग की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

*बड़ा सवाल?*

यदि शराब निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, तो आखिर इसकी निगरानी कौन कर रहा है? क्या उपभोक्ताओं की शिकायतों पर प्रशासन कार्रवाई करेगा, या फिर यह कथित ओवररेटिंग का खेल यूं ही चलता रहेगा? अब सभी की नजर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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क्या शाहपुर पुलिस भजिया तल रही थी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा दावा-

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें कूड़े से तैयार हाइड्रोजन ईंधन पर दौड़ सकती हैं।
उनके अनुसार नगर निगम के कचरे को आधुनिक बायोडाइजेस्टर तकनीक से प्रोसेस कर हाइड्रोजन गैस बनाई जाएगी।
इस हाइड्रोजन का उपयोग बसों के ईंधन के रूप में किया जाएगा, जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।
गडकरी ने कहा कि यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि भविष्य की वास्तविकता बन सकता है।
अगर यह योजना सफल होती है तो कूड़ा भी कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
यह पहल भारत में हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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करोड़ों की MD फैक्ट्री मिली, आखिर शाहपुर पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी?
मऊगंज में करोड़ों की MD ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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रीवा-मुंबई ड्रग नेटवर्क का खुलासा, मऊगंज से 4 गिरफ्तार
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सीएमओ हाउस पर मरम्मत के नाम पर 5 लाख खर्च, फिर भी सूना आवास! नगर परिषद मऊगंज में उठे बड़े सवाल

पेट्रोल न्यूज़ मऊगंज। नगर परिषद मऊगंज का सीएमओ आवास एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि जिस सरकारी आवास में पूर्व सीएमओ कई वर्षों तक बिना किसी बड़े मेंटेनेंस के रहे, उसी आवास पर नए सीएमओ के आने से पहले करीब 5 लाख रुपये खर्च कर मरम्मत कराई गई। अब स्थिति यह है कि आवास पर ताला लटका है और नए सीएमओ का आवागमन रीवा से हो रहा है। ऐसे में लाखों रुपये के खर्च पर सवाल उठने लगे हैं।

6 साल बिना खर्च, फिर अचानक लाखों का मेंटेनेंस

स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व सीएमओ महेश पटेल करीब छह वर्षों तक इसी सरकारी आवास में रहे, लेकिन उस दौरान बड़े मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ी। उनके स्थानांतरण के बाद नए सीएमओ राहुल शर्मा के लिए आवास का व्यापक मेंटेनेंस कराया गया, जिस पर लगभग पांच लाख रुपये खर्च किए जाने की चर्चा है।

50 लाख के बिल भुगतान को लेकर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, नए सीएमओ के कार्यकाल के दौरान लगभग **50 लाख रुपये के लंबित बिलों का भुगतान भी किया गया। इसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी राशि का मेंटेनेंस किस आधार पर कराया गया और उसका लाभ किसे मिला, जबकि आवास वर्तमान में खाली पड़ा हुआ है।

नए सीएमओ नहीं रह रहे सरकारी आवास में

जानकारी के मुताबिक वर्तमान सीएमओ फिलहाल रीवा से आना-जाना कर रहे हैं और सरकारी आवास का उपयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब आवास का उपयोग ही नहीं होना था, तो लाखों रुपये खर्च करने की आवश्यकता क्या थी?

जनता मांग रही जांच

नगरवासियों का कहना है कि सरकारी धन जनता की गाढ़ी कमाई है। यदि वास्तव में लाखों रुपये का मेंटेनेंस हुआ है, तो उसकी गुणवत्ता, आवश्यकता और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि वर्तमान में खाली पड़े सरकारी आवास पर किया गया खर्च कितना उचित था।

यदि नगर परिषद या संबंधित अधिकारी इस मामले में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो पेट्रोल न्यूज़ उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
*सीधी कांग्रेस में घमासान: प्रभारी से मारपीट, दो कार्यकर्ता आजीवन निष्कासित*
*मासिक समीक्षा बैठक के बाद विवाद, डॉ. विनोद शर्मा से गाली-गलौज व छीनाझपटी – सोशल मीडिया पोस्ट बनी टकराव की वजह*

*पेट्रोल न्यूज़ सीधी।*  जवाहर कांग्रेस भवन सीधी में मंगलवार शाम मासिक समीक्षा बैठक के बाद बड़ा विवाद हो गया। विधानसभा सीधी के प्रभारी डॉ. विनोद शर्मा के साथ गाली-गलौज, छीनाझपटी और मारपीट की गई। संगठन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विजय सिंह और कमलेन्द्र सिंह को पार्टी से आजीवन निष्कासित कर दिया।

*अजय सिंह के जाते ही हुआ विवाद*  
घटना पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल के बैठक से रवाना होने के तुरंत बाद हुई। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी-कार्यकर्ता मौजूद थे।

*सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ टकराव*  
विवाद की जड़ डॉ. विनोद शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट बनी। उन्होंने लिखा था- "प्रदेश अध्यक्ष सामंतवादी नहीं होना चाहिए।" कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे अजय सिंह राहुल और दिग्विजय सिंह से जोड़कर देखा, क्योंकि दोनों राजघराने से हैं। इसी पोस्ट पर विजय सिंह और कमलेन्द्र सिंह की आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद तनाव बढ़ा।

*प्रभारी बोले- किया अभद्र व्यवहार*  
डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि अजय सिंह के रवाना होते ही दोनों ने बहस शुरू की, गलत शब्दों का इस्तेमाल किया और छीनाझपटी कर अभद्र व्यवहार किया। घटना की सूचना संगठन को दी गई।

*'अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं'*  
जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने कहा कि प्रभारी के साथ हुई बहसबाजी और अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है। संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों को आजीवन निष्कासित कर दिया है।
घर में मिला पापाजी द्वारा संभालकर रखे हुए २ आना और क्वार्टर आना के सिक्के।
पत्नी के नाम फर्म बनाकर बिजली उपकरणों में घोटाला, MPEB का JE निलंबित – हनुमना सोलर प्लांट में मिला गड़बड़झाला

*पेट्रोल न्यूज़: सीधी में पदस्थ JE रंजीत कुमार साहू ने 'मेसर्स ओम एंटरप्राइजेज' से कराए थे काम, जांच में पत्नी ममता कुमारी निकलीं प्रोपराइटर – 2 मेगावाट सोलर प्लांट के उपकरणों पर मप्रपक्षेविविकं का नाम अंकित, निजी कंपनी का पाया गया केबल

*रीवा | मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर के रीवा सर्किल में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। सीधी जिले में पदस्थ जूनियर इंजीनियर रंजीत कुमार साहू को पत्नी के नाम फर्म बनाकर विद्युत उपकरणों में गड़बड़ी करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामला हनुमना में बन रहे 2 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र से जुड़ा है।

*शिकायत के बाद गठित हुई थी जांच समिति*  

मुख्य अभियंता (प्रवर्तन) रीवा को विद्युत उपकरणों और विभिन्न कंपनियों की सामग्री के दुरुपयोग की शिकायत मिली थी। शिकायत में सप्लायर फर्म मेसर्स ओम एंटरप्राइजेज की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। जांच के लिए समिति गठित की गई, जिसने स्थल निरीक्षण, अभिलेखों के परीक्षण और संबंधित अधिकारियों के बयानों के आधार पर जांच की।

*जांच में खुली पोल: पत्नी निकलीं फर्म की मालिक*  

जांच समिति ने पाया कि हनुमना के 2 मेगावाट सोलर प्लांट के विद्युत संयोजन व लाइन विस्तार का कार्य मेसर्स ओम एंटरप्राइजेज से कराया गया, जिसकी प्रोपराइटर ममता कुमारी हैं। ममता कुमारी निलंबित JE रंजीत कुमार साहू की पत्नी हैं। 

*उपकरणों पर कंपनी का नाम, लेकिन केबल निजी फर्म का*  

जांच के दौरान कुछ उपकरणों पर मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड का नाम अंकित पाया गया, जबकि कंट्रोल केबल पर एक निजी कंपनी 'मग पावर ट्रांसमिशन' का नाम मिला। इसके अलावा VCB की नेम प्लेट पर कंपनी संबंधी विवरण मिटाया गया था। इससे संलिप्तता की आशंका और गहरी हुई।

*25 जून को किया गया निलंबित

जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया JE रंजीत कुमार साहू की संलिप्तता सामने आने पर कार्यपालन अभियंता (एसटीएम/एसटीसी) संभाग सीधी ने 25 जून के आदेश से उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अधीक्षण अभियंता (संचालन/संधारण) वृत्त, उमरिया निर्धारित किया गया है।

*अटैच किए गए SE कार्यालय उमरिया

कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आए सभी तथ्यों का संबंधित कर्मचारियों से अभिलेखीय सत्यापन कराया जा रहा है। अंतिम निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
23 जून *अलका याज्ञनिक* के लिए एक यादगार दिन था जब लोग उनके लिए तालियां बजा रहे थे, उनकी तारीफ़ कर रहे थे, लेकिन वे कुछ भी सुन पाने में असमर्थ थीं। अलका याज्ञनिक को महामहिम से *पद्म विभूषण पुरस्कार* ग्रहण करने के लिए व्हीलचेयर पर जाते देखना अत्यंत दुखदायी था।

बॉलीवुड सिंगर अलका याज्ञनिक पिछले दो सालों से *सेंसरीन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस (कान की अंदरूनी नस से जुड़ी बीमारी)* से जूझ रही हैं। वे अपनी सुनने की शक्ति खो चुकी हैं। यह एक रेयर कान की बीमारी है जिसमें सुनने की शक्ति लौटने के चांसेस बहुत कम होते हैं। 10 से 12 स्टीरायड के इंजेक्शन कान में लगते हैं, ऑक्सीजन की थेरेपी होती Hai लेकिन सुधार बहुत कम होता है। यह समस्या कई वजहों से हो सकती है जैसे तेज आवाज़ के संपर्क में आना, वायरल इन्फेक्शन, ऑटोइम्यून बीमारियां, चोट, न्यूरोलॉजिकल या ब्लड वेसल से जुड़ी समस्याएं आदि। 

अगर आपको कान से अचानक सुनाई देना बंद हो या कान में टिन टिन की घंटी (टिनिटस) सुनाई दे तो तुंरत किसी E&T स्पेशलिस्ट को दिखाइए। अगर 24 घंटे के अंदर ट्रीटमेंट मिल जाए तो सुनने की शक्ति लौटने के चांसेस होते हैं।

*अलका जी* ने पुरस्कार के बाद दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था-
'पिछले दो सालों से मैं लाइमलाइट और पब्लिक इवेंट्स से दूर रही हूं और अपनी ज़िंदगी के सफ़र के बारे में ज्यादा कुछ शेयर नहीं किया है। आप में से कई लोग जानते थे कि मैं सेहत से जुड़ी मुश्किलों से गुजर रही थी।

 इस दौरान आपका प्यार, दुआएं, मैसेज और अटूट साथ हर कदम पर मेरे साथ रहे। यह पल मेरे लिए बहुत खास है, क्योंकि यह न सिर्फ मेरे काम को मिली पहचान है बल्कि प्यार, उम्मीद और हिम्मत से मिलने वाली ताकत की याद भी दिलाता है. और अंत में उन्होंने लिखा कि आज मैंने सिर्फ एक पुरस्कार स्वीकार नहीं किया, मुझे उन लाखों लोगों का प्यार महसूस हुआ जो मेरे सफ़र का हिस्सा रहे हैं। 

*'एक दो तीन चार' गाकर रातों-रात फेमस हुई अलका को 'घूंघट की आड़ से' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है।* ईश्वर से प्रार्थना है कि वो जल्द स्वस्थ हों।
*मध्यप्रदेश मे गेहूं घोटाला...
*तीन जिलों में बड़ा फर्जीवाड़ा, 15 पटवारी सस्पेंड, 10 समिति प्रबंधकों को नोटिस, 4 फर्जी किसानों पर FIR..*
पेट्रोल न्यूज़ बडी खबर :
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है, मुरैना, भिंड और राजगढ़ जिलों में बाहरी राज्यों से सस्ते दाम पर खरीदा गया गेहूं फर्जी किसान बनाकर सरकारी खरीदी केंद्रों पर बेचे जाने का खुलासा हुआ है,
मामला सामने आने के बाद प्रशासन और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने कार्रवाई तेज कर दी है,

जांच में पता चला है कि फर्जी किसानों के नाम पर 18 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा गया, जिससे लगभग 4.82 करोड़ रुपये का सरकारी भुगतान किया गया,
इस मामले में अब तक 15 पटवारियों को निलंबित, 10 समिति प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 4 फर्जी किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, दो तहसीलदारों से भी जवाब मांगा गया है,

प्रशासन के अनुसार कई लोगों ने दूसरे किसानों के खसरा नंबर और भूमि रिकॉर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी पंजीयन कराया, जांच में यह भी सामने आया कि कई पंजीयन अंतिम दिनों में देर रात किए गए, आरोप है कि उत्तर प्रदेश से कम कीमत पर गेहूं खरीदकर मध्य प्रदेश में MSP पर बेचकर करोड़ों रुपये का लाभ कमाया गया,

मामले के खुलासे के बाद EOW की ग्वालियर टीम ने जांच शुरू कर दी है, एजेंसी अब खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड, भूमि सत्यापन, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच करेगी, यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी,
वही प्रशासन का कहना है कि पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
रीवा जोन IG के पहल पर *जन-चौपाल-03* आपकी पुलिस रीवा संभाग के सभी जिलों में एक साथ रीवा,सतना,सीधी, सिंगरौली,मैहर,मऊगंज के सभी थानों एवं चौकियों में *दिनांक-30 जून 2026,दिन- मंगलवार,समय -सायं 04:30 बजे से 06:00 बजे तक*

पेट्रोल न्यूज़: 
जनता से संवाद के प्रमुख बिंदु-

÷ अवैध मादक पदार्थों की बिक्री पर रोकथाम (COREX इत्यादि)

÷ CYBER क्षेत्र में होने वाले बैंक फ्रॉड एवं उनकी रोकथाम

÷ महिला उत्पीड़न एवं महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों की रोकथाम पर चर्चा

÷ अन्य थाना स्तरीय गंभीर समस्याओं का त्वरित निराकरण

÷ किसी भी गुप्त सूचना देने अथवा जानकारी प्राप्त करने के लिए *संपर्क करें - हेल्पलाईन नंबर: 9479997336*
मऊगंज में नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार, तीन मामलों में चार आरोपी दबोचे गए
मऊगंज के रतनगवा निवासी जितेंद्र सिंह गहरवार ने बुधवार शाम की खुदकुशी; पत्नी के फोन का जवाब न मिलने पर मकान मालिक ने खोला कमरा, पुलिस जांच में जुटी

रीवा में पत्नी के मायके जाते ही टूटा बेकरी कारोबारी: बजरंग नगर में फंदे पर लटका मिला शव, कॉल न उठने पर खुला राज

*रीवा |* रीवा शहर के समान थाना क्षेत्र स्थित बजरंग नगर में बुधवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। पत्नी के मायके जाते ही बेकरी कारोबारी जितेंद्र सिंह गहरवार ने अपने किराए के मकान में अपनी जान दे दी। मूल रूप से मऊगंज के रतनगांव निवासी जितेंद्र बजरंग नगर में रहकर बेकरी का व्यवसाय करते थे।

*फोन न उठने पर हुआ शक
परिजनों के मुताबिक बुधवार शाम जितेंद्र की पत्नी मायके के लिए रवाना हुई थी। मायके पहुंचने के बाद जब उसने जितेंद्र को फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला। लगातार कॉल अटेंड न करने पर पत्नी ने मकान मालिक को सूचना दी। अनहोनी की आशंका में मकान मालिक ने जब कमरे की जांच की तो जितेंद्र का शव लटका मिला।

*पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही समान थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। फिलहाल पुलिस पत्नी से हुई आखिरी बातचीत और इस कदम के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। आर्थिक तंगी या पारिवारिक तनाव की आशंका जताई जा रही है।
एक क्लिक की गलती पड़ सकती है भारी, पुलिस ने लोगों को किया सावधान
मऊगंज में कुछ जगहों पर तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश
# रीवा में वायरल रील से मचा हड़कंप, युवती के हथियार प्रदर्शन वाले वीडियो की जांच शुरू

रीवा। शहर में हाल के दिनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और फायरिंग की घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक और मामला चर्चा का विषय बन गया है। एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लेकर रील बनाती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट से साझा किया गया बताया जा रहा है। वीडियो में युवती खुलेआम हथियार का प्रदर्शन करती नजर आ रही है। रील को बड़ी संख्या में लोग देख चुके हैं और यह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर की जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। रीवा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो की जानकारी प्राप्त हुई है और इसकी सत्यता की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो में दिखाई दे रहा हथियार वास्तविक है या नहीं, उसके लाइसेंस और वैधता की स्थिति क्या है, तथा वीडियो में नजर आने वाली युवती की पहचान और उसके उद्देश्य क्या थे। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना कानून व्यवस्था और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का नियम उल्लंघन या गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रही है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और उसके प्रभाव को लेकर बहस छेड़ दी है।
क्या जमीन खरीदना गुनाह है?
क्या सपरिवार फलना फूलना अपराध है?