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Petrol News

@charming_alok
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जाति धर्म पर आरक्षण समाप्त हो 
सौजन्य सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट अश्वनी उपाध्याय ज़ी के विचार देश हित मे.......
देश मे सख्त नागरिक कानून लागू होना चाहिए । हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है और हर कार्य का अपना अलग महत्व है सम्मान सबका जरुरी है देश हित.....आप अपनी राय अवश्य दें
रिटायर्ड मेजर जनरल जी.डी. बख्शी (GD Bakshi) ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक और गंभीर राष्ट्रीय चर्चा होनी चाहिए।

जी.डी. बख्शी ने कहा, "700 साल पहले शोषण हुआ, तो अगले 7,000 या 70,000 साल मुझे रिजर्वेशन दो! This is nonsense!"

उन्होंने तर्क दिया कि सदियों पुराने शोषण के आधार पर अनिश्चितकाल तक आरक्षण जारी रखने की नीति पर पुनर्विचार होना चाहिए और योग्यता तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर खुली बहस होनी चाहिए।
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*मऊगंज में शराब ठेकेदार की मनमानी! एमआरपी सिर्फ दिखावा, सुराप्रेमियों से हर क्वार्टर पर खुलेआम हो रही 25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त वसूली?*

*पेट्रोल न्यूज़🔥 | मऊगंज*

मऊगंज जिले में शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि *चाक मोड़ स्थित मैरिज गार्डन के पास  संचालित शराब दुकान* पर ग्राहकों से बोतलों पर अंकित *एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है।* स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक क्वार्टर पर *25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त राशि* ली जा रही है। इससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

*एमआरपी सिर्फ बोतल पर, वसूली मनमर्जी से?*

ग्राहकों का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के बावजूद दुकान पर अलग ही नियम लागू हैं। शराब लेने पहुंचने वाले लोगों से तय कीमत से अधिक पैसे मांगे जाते हैं। विरोध करने पर ग्राहकों को शराब देने से इनकार करने या बहस करने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। इससे आम उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

*एक ही जिले में अलग-अलग रेट, आखिर क्यों?*

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की अन्य शराब दुकानों की तुलना में इस दुकान पर कई ब्रांड की शराब अधिक कीमत पर बेची जा रही है। सवाल उठता है कि जब पूरे प्रदेश में प्रत्येक ब्रांड का एमआरपी तय है, तो एक ही जिले में अलग-अलग दरों पर शराब कैसे बेची जा रही है? क्या नियम केवल कागजों तक सीमित हैं?

*आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल?*

क्षेत्र में चर्चा है कि कथित ओवररेटिंग का यह खेल कोई नया नहीं, बल्कि लंबे समय से जारी है। इसके बावजूद आबकारी विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही?

*उपभोक्ताओं का सवाल—एमआरपी है तो ज्यादा पैसे क्यों?*

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी भी उत्पाद पर एमआरपी अंकित है तो उससे अधिक राशि वसूलना नियमों के विरुद्ध है। उनका कहना है कि यदि शराब दुकानों पर खुलेआम अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

*कलेक्टर मऊगंज से निष्पक्ष जांच की मांग*

स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार, सेल्समैन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी पर रोक लग सके।

*अब प्रशासन की परीक्षा ?*

मामला सामने आने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और आबकारी विभाग पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एमआरपी से कितनी अधिक वसूली हो रही  है और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है? फिलहाल, यह मुद्दा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
😱 मऊगंज में खुलेआम बिक रही शराब और नशे की पुड़िया! वायरल VIDEO से मचा बवाल!
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*मऊगंज के चौराहों पर बिक रहा नशा!*
*अवैध शराब की पैकारी का खुला खेल!,वीडियो हुआ वायरल, मचा हड़कंप*

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*आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह कारोबार?*

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*शराब ठेकेदार के साथ-साथ पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध?*

*वायरल वीडियो के साथ बड़ा खुलासा पेट्रोल न्यूज़🔥 पर जल्द*
*वार्ड नंबर 05 में जलभराव से लोगों का जीना मुहाल, नगर परिषद की लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा*

*पेट्रोल न्यूज़🔥 | मऊगंज*

मऊगंज नगर परिषद एक बार फिर अपनी बदहाल सफाई व्यवस्था और लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 05 में नालियों की सफाई और अतिक्रमण हटाने में बरती जा रही अनदेखी के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन नारकीय बन गया है। हल्की बारिश होते ही नाली का गंदा और बदबूदार पानी सीधे लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता *अनिल कुमार शर्मा* ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने बनी नाली के ऊपर कुछ लोगों ने अवैध रूप से चबूतरा और सीढ़ियों का निर्माण कर लिया है। इस अतिक्रमण के कारण नाली का पानी आगे नहीं बढ़ पाता और पूरी नाली जाम होकर गंदा पानी उनके घर के आंगन में भर जाता है। इससे घर में दुर्गंध फैलने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि अधिवक्ता शर्मा के अनुसार पिछले वर्ष भी इसी जलभराव और लगातार बनी रहने वाली सीलन के कारण उनका चार कमरों का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया था। अब एक बार फिर बरसात शुरू होते ही वही हालात बन गए हैं और उन्हें अपने परिवार व मकान की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद को इस समस्या की कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामला टाल देते हैं। आरोप है कि सफाई कर्मचारी केवल नाली के ऊपर दिखाई देने वाला कचरा निकालकर औपचारिकता पूरी कर देते हैं, जबकि नालियों के भीतर वर्षों से जमा गाद और मलबा जस का तस पड़ा रहता है। ऊपर से अतिक्रमण होने के कारण नालियों की समुचित सफाई भी नहीं हो पाती।

बारिश के दौरान स्थिति और भयावह हो जाती है। कुछ ही देर की बारिश में सड़कें और आंगन तालाब में बदल जाते हैं। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है और गंदा पानी घरों में घुसने से घरेलू सामान भी खराब हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है।

वार्डवासियों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराई जाए, नालियों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि केवल कागजों में स्वच्छता अभियान चलाने से शहर साफ नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर ईमानदारी से काम करना होगा, तभी नागरिकों को इस समस्या से राहत मिल सकेगी।
रीवा जिले के मनगवां में पुलिस ने पकड़ा गांजा से भरा एक ट्रक
मऊगंज: वाहन छोड़कर भागा तस्कर! 83 लीटर अवैध शराब के साथ बोलेरो जब्त
*पेट्रोल न्यूज़ 🔥की खबर का बड़ा असर! मऊगंज में यातायात पुलिस ने पकड़ी शराब की खेप, तस्कर वाहन छोड़कर फरार*

*बड़ी खबर*💥💥💥💥

*मऊगंज।* जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर *पेट्रोल न्यूज़🔥* लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था। इन खबरों में गांव-गांव तक शराब की पैकारी और कथित अवैध सप्लाई के मुद्दे को उठाया गया था। इसके बाद अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में शराब बरामद की है।

*पुलिस अधीक्षक मऊगंज के निर्देश पर* यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन वाहन चेकिंग अभियान के दौरान *बरहटा मोड़* के पास एक संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। तलाशी लेने पर वाहन से *देशी और अंग्रेजी शराब की खेप* बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में मऊगंज के *स्थानीय शराब ठेकेदार की संलिप्तता होने की भी चर्चा है।* हालांकि, इस संबंध में अभी पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

*पेट्रोल न्यूज़*🔥 लगातार जिले में अवैध शराब के कारोबार और कथित पैकारी के मुद्दे को उठाता रहा है। अब कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि *क्या यह सिर्फ एक खेप थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है?*
*मऊगंज में ओवररेटिंग का खेल!*

 *एमआरपी हुई बेबस, शराब दुकान पर खुलेआम वसूली का आरोप; आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल*

*पेट्रोल न्यूज़ 🔥मऊगंज।* जिले में शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चाक मोड़ स्थित सिंचाई विभाग के सामने संचालित शराब दुकान पर उपभोक्ताओं से निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है, जबकि शराब की बोतलों पर स्पष्ट रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) अंकित है।

ग्राहकों का कहना है कि दुकान पर तय कीमत की बजाय ठेकेदार और सेल्समैन अपने हिसाब से रेट तय कर रहे हैं। विरोध करने पर ग्राहकों को या तो शराब नहीं दी जाती या फिर बहस का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उपभोक्ता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

*एक दुकान, अलग रेट... आखिर क्यों?*

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले की अन्य शराब दुकानों की तुलना में इस दुकान पर शराब सबसे महंगी बेची जा रही है। सवाल यह उठ रहा है कि यदि सरकार ने प्रत्येक ब्रांड की एमआरपी तय कर रखी है, तो फिर एक ही जिले में अलग-अलग कीमत कैसे वसूली जा रही है? क्या इस पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं है?

*आबकारी विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल*

क्षेत्र में चर्चा है कि लंबे समय से कथित ओवररेटिंग का यह सिलसिला जारी है, लेकिन आबकारी विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। इससे लोगों के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या विभाग को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही?

*जनता बोली— एमआरपी है तो फिर ज्यादा पैसे क्यों?*

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि शराब चाहे कोई भी खरीदे, लेकिन उससे एमआरपी से अधिक राशि वसूलना नियमों के खिलाफ है। उनका कहना है कि यदि कोई दुकानदार खुलेआम अतिरिक्त पैसे ले रहा है, तो उसके खिलाफ तत्काल जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।

*कलेक्टर से कार्रवाई की मांग*

लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, सेल्समैन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं के साथ हो रही कथित मनमानी पर रोक लग सके।

*अब सबकी नजर प्रशासन पर*

मामला सामने आने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और आबकारी विभाग पर टिकी हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ओवररेटिंग के आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है?
*रीवा: फर्जी दस्तावेज से 31.50 लाख का लोन लेकर उड़ाए रुपए, कागजों में बनाई आइसक्रीम फैक्ट्री, EOW ने 5 लोगों पर दर्ज किया केस*
*PMFME योजना में सब्सिडी के लिए किया घोटाला, मौके पर फैक्ट्री नहीं मिली, सलाहकारों से सांठगांठ कर तैयार कराए गए फर्जी दस्तावेज*

पेट्रोल न्यूज़ रीवा। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के नाम पर 31.50 लाख रुपए के लोन घोटाले का मामला सामने आया है। 

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ EOW रीवा ने फर्जी दस्तावेज और झूठी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर लोन निकालने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

*कागजों में बनी आइसक्रीम फैक्ट्री*
EOW के अनुसार, भोपाल मुख्यालय में कल्पना उद्योग की प्रोपराइटर कल्पना गुप्ता और उनके पति संदीप गुप्ता ने पंजाब नेशनल बैंक की व्यंकट रोड शाखा से लोन लिया था। 

आरोप है कि सलाहकारों से सांठगांठ कर झूठी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई गई। लोन स्वीकृत कराने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए और उन्हीं के आधार पर बैंक से 31.50 लाख रुपए का लोन हासिल कर लिया गया।

*फैक्ट्री लगी ही नहीं, रुपए का किया दुरुपयोग*
जांच में सामने आया कि जिस उद्देश्य से आइसक्रीम फैक्ट्री स्थापित करने के लिए ऋण लिया गया था, उसकी स्थापना मौके पर की ही नहीं गई। 

फैक्ट्री लगाए बिना ही ऋण राशि का अन्य कार्यों में उपयोग कर लिया गया। इससे शासन की सब्सिडी योजना का खुलेआम दुरुपयोग हुआ।

*5 लोगों पर केस दर्ज*
प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने पर EOW ने निम्न लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4) और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है:

1. *कल्पना गुप्ता* - प्रोपराइटर, कल्पना उद्योग, भोपाल
2. *संदीप गुप्ता* - पति, कल्पना गुप्ता
3. *रूपेश कुमार सिंह* - प्रोपराइटर, स्पंदांश इलेक्ट्रिक एंड मशीनरी
4. *संतोष कुमार वर्मा* - प्रोपराइटर, अरविंदो टेक इन्फ्रा
5. *अंकिता सिंह* - प्रोपराइटर, अरविंदो टेक इन्फ्रा
मऊगंज में शराब माफिया बेखौफ, गांव-गांव परोसा जा रहा ज़हर! पुलिस और आबकारी की कार्यशैली पर सवाल?
टिकट कटने के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए नरोत्तम मिश्रा
*मिलावट से मुक्ति अभियान: सेमरिया में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक जब्त, रीवा के समोसा होटल पर गंदगी में खाना बनाते पकड़ा

 *कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य टीम की दबिश, इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट और बेनाम समोसा होटल के संचालकों पर खाद्य अधिनियम के तहत कार्रवाई*

पेट्रोल न्यूज़ रीवा।  जिले में मिलावटखोरों और लापरवाही बरतने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ 'मिलावट से मुक्ति अभियान' के तहत कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के सख्त निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने सेमरिया और इलाहाबाद रोड स्थित प्रतिष्ठानों पर औचक दबिश दी, जहाँ भारी अनियमितताएं पाई गईं।
 *सेमरिया में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बरामद*
अभियान के दौरान टीम ने सेमरिया स्थित 'इंडियन फ्लेवर रेस्टोरेंट' की बारीकी से जांच की। जांच में रेस्टोरेंट के भीतर ग्राहकों को परोसने के लिए रखी गईं एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक्स की 15 बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें टीम ने तुरंत जब्त कर लिया। 
इस गंभीर लापरवाही पर रेस्टोरेंट संचालक लवकुश चौरसिया के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 *इलाहाबाद रोड के समोसा होटल पर गिरी गाज*
इसी क्रम में टीम ने इलाहाबाद रोड रीवा स्थित 'बेनाम समोसा होटल' का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान होटल का नजारा बेहद चौंकाने वाला था, जहाँ संचालक अरविंद साहू द्वारा अत्यंत गंदगी और अस्वच्छ माहौल में समोसे एवं मिठाइयाँ बनाई जा रही थीं और उन्हीं को ग्राहकों को बेचा जा रहा था। 
आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने और गंदगी में खाद्य पदार्थों का निर्माण व विक्रय करने के इस कृत्य को अपराध मानते हुए, टीम द्वारा संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 58 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।

 *खाद्य विभाग ने जारी की चेतावनी*
इस कार्रवाई के साथ ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी और अपील जारी की है। विभाग ने कहा है कि चूंकि बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, इसलिए सभी संचालक अपने व्यावसायिक परिसर को कीड़े-मकोड़ों और गंदगी से बचाने के लिए तत्काल आवश्यक सुधार और पुख्ता व्यवस्था कर लें, अन्यथा आने वाले दिनों में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
*मऊगंज में शराब सिंडिकेट बेलगाम!*

*एमआरपी को ठेंगा, हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये की खुली वसूली*

*आबकारी विभाग पर उठे सवाल, जनता बोली- आखिर किसके संरक्षण में चल रही है यह लूट?*

*मऊगंज।* जिले में शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चाक मोड़ स्थित सिंचाई विभाग के सामने संचालित शराब दुकान पर निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें या तो बहाने बनाकर टाल दिया जाता है या फिर कहा जाता है कि "यही रेट है, लेना हो तो लो।"

*एमआरपी सिर्फ बोतल पर, बिक्री अपनी मर्जी से*

शराब की प्रत्येक बोतल पर कंपनी द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) स्पष्ट रूप से अंकित होता है, लेकिन आरोप है कि इस दुकान पर तय मूल्य को नजरअंदाज कर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की अन्य दुकानों की तुलना में यहां शराब अधिक कीमत पर बेची जा रही है।

*आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और कार्रवाई होती, तो खुलेआम ओवररेटिंग संभव नहीं होती। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 

*जनता ने की जांच की मांग*

स्थानीय उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान पर औचक निरीक्षण कराया जाए, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच हो तथा यदि ओवररेटिंग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

*कलेक्टर से कार्रवाई की उम्मीद*

जिले में प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचाने जाने वाले कलेक्टर से लोगों को उम्मीद है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एमआरपी से अधिक वसूली हो रही है तो दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ आबकारी विभाग की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

*बड़ा सवाल?*

यदि शराब निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, तो आखिर इसकी निगरानी कौन कर रहा है? क्या उपभोक्ताओं की शिकायतों पर प्रशासन कार्रवाई करेगा, या फिर यह कथित ओवररेटिंग का खेल यूं ही चलता रहेगा? अब सभी की नजर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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क्या शाहपुर पुलिस भजिया तल रही थी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा दावा-

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें कूड़े से तैयार हाइड्रोजन ईंधन पर दौड़ सकती हैं।
उनके अनुसार नगर निगम के कचरे को आधुनिक बायोडाइजेस्टर तकनीक से प्रोसेस कर हाइड्रोजन गैस बनाई जाएगी।
इस हाइड्रोजन का उपयोग बसों के ईंधन के रूप में किया जाएगा, जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।
गडकरी ने कहा कि यह सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि भविष्य की वास्तविकता बन सकता है।
अगर यह योजना सफल होती है तो कूड़ा भी कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
यह पहल भारत में हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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करोड़ों की MD फैक्ट्री मिली, आखिर शाहपुर पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी?
मऊगंज में करोड़ों की MD ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार

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रीवा-मुंबई ड्रग नेटवर्क का खुलासा, मऊगंज से 4 गिरफ्तार
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