
एचपीयू में प्रो-वाईस चांसलर पद खत्म करने की मांग, एसएफआई ने छात्रों पर फीस बोझ को बताया अनुचित
वित्तीय संकट का भार विद्यार्थियों पर डालने के बजाय प्रशासनिक खर्चों में कटौती की मांग, कुलपति को सौंपा ज्ञापन
नवीन शर्मा की रिपोर्ट
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने एचपीयू में प्रो-वाईस चांसलर के पद को समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, लेकिन इसका समाधान छात्रों पर लगातार फीस वृद्धि का बोझ डालकर किया जा रहा है। एसएफआई ने तर्क दिया कि प्रो-वाईस चांसलर पद पर वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं पर हर वर्ष बड़ी राशि खर्च होती है, जबकि विश्वविद्यालय की अधिकांश प्रशासनिक शक्तियां कुलपति के पास ही निहित हैं। संगठन का मानना है कि इस खर्च को बचाकर छात्रवृत्तियों, शोध सुविधाओं, पुस्तकालयों और छात्रावासों के विकास पर खर्च किया जा सकता है। एसएफआई ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान कार्यकाल के बाद इस पद पर नई नियुक्ति न की जाए और प्रशासनिक ढांचे की व्यापक समीक्षा कर वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया जाए।
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Morang, Kinnaur | Jun 21, 2026