
कर्म करो पर आत्मस्मरण रखते हुए : समर्थगुरु
समर्थगुरु धारा हिमाचल के शिक्षा कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि समर्थगुरु धाम, मुरथल के संस्थापक समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी की श्री सिद्धेश्वर शक्ति पीठ न्यास पीठाधीश्वर,परमहंस महंत श्री पुनीत गिरि जी महाराज से आत्मीय भेंट हुई।
इस दौरान महाराज जी ने मिशन सतनाम के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2026 में सिद्धार्थ ध्यान योग के भव्य आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिसे समर्थगुरु ने सहर्ष स्वीकार किया।
इस शुभ अवसर पर आदरणीय समर्थगुरु की सचिव मां मीराबाई , केंद्रीय संयोजक आचार्य दर्शन और विशेष शिष्यों ने आध्यात्मिक और भक्तिमय सत्संग किया।
आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि कर्म करो पर आत्मस्मरण रखते हुए । कर्म में लीन रहो पर आत्मा के साक्षी बनकर।
जहाँ सामान्य कर्म हमें अपने अस्तित्व से दूर ले जाता है,
वहीं कर्मयोग हमें स्वयं की ओर ले आता है।
यदि कर्म आत्मस्मरण के साथ, पूर्ण सजगता से किया जाए, तो वह हमें आनंद की ओर,परम शांति की ओर ले जाता है।
भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान, मुरथल, हरियाणा देश का अग्रणी संस्थान है, जो मिशन आत्मक्रान्ति के अंतर्गत भारत और नेपाल के विभिन्न संस्थानों में निम्न लिखित कार्यक्रम पिछले कई सालों से चला रहा है :
मेंटल हेल्थ मैनेजमेंट (उच्च विद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थानों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों और विश्वविद्यालयों में),
स्ट्रेस मैनेजमेंट ( उद्योगों, निजी और सरकारी विभागों एवं प्रतिष्ठानों में )
आप सभी सुधीजन निश्चित चाहेंगे कि हमारे छात्र और युवा निराशा की जगह उमंग, शिकायत भाव की जगह अहोभाव और नकारात्मक सोच की जगह सकारात्मक भाव में जिएँ। इसलिए आप सभी से निवेदन है कि जीवन रूपान्तरण के उपर्युक्त कार्यक्रमों को अपने संस्थान में आयोजित करने के लिए भारतीय योग एवं प्रबंधन संस्थान, मुरथल, हरियाणा से संपर्क करें।
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