
अतिथि शिक्षकों ने उठाई भर्ती प्रक्रिया की समस्याएं, लोक शिक्षण संचालनालय से तीन प्रमुख मांगों के शीघ्र निराकरण की अपील*
मऊगंज। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर अतिथि शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल के आयुक्त के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर मऊगंज के माध्यम से सौंपते हुए तत्काल समाधान की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक पिछले 17-18 वर्षों से स्कूल शिक्षा विभाग में पूरी निष्ठा, लगन और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा लगातार बेहतर परीक्षा परिणाम भी दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका भविष्य आज भी असुरक्षित बना हुआ है।अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में नियमित शिक्षकों के स्थानांतरण, अतिशेष समायोजन, नई भर्ती, पदोन्नति और नवीन पद संरचना लागू होने से बड़ी संख्या में रिक्त पद समाप्त हो गए हैं। इसके कारण पिछले सत्र 2025-26 में कार्यरत अनेक अतिथि शिक्षक इस वर्ष पुनः कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं। उन्होंने मांग की है कि उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों को दी जाने वाली व्यवस्था की तर्ज पर बाहर हुए अतिथि शिक्षकों के लिए पृथक काउंसलिंग आयोजित की जाए तथा शाला चयन में उन्हें प्रथम वरीयता प्रदान की जाए।
ज्ञापन में दूसरी प्रमुख मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर उठाई गई है। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि जब तक उन्हें विधिवत अवकाश की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त की जाए। साथ ही 90 प्रतिशत से कम उपस्थिति के कारण पुनः कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए अतिथि शिक्षकों को दोबारा रिज्वाइनिंग का अवसर दिया जाए।तीसरी मांग में अतिथि शिक्षकों ने नियमित रूप से अवकाश की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें अवकाश जैसी मूलभूत सुविधा भी प्राप्त नहीं है, जिससे व्यक्तिगत एवं पारिवारिक परिस्थितियों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।अतिथि शिक्षकों ने आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय से अनुरोध किया है कि उनकी इन समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि हजारों अतिथि शिक्षकों के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।