
10 कोच की हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर गाड़ा झंडा
पीएम नरेंद्र मोदी जींद में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद सेक्टर-9 के एचएसवीपी ग्राउंड में पहुंचे। उन्होंने रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअली 6 परियोजनाओं का उद्घाटन, 2 का शिलान्यास किया। पीएम आवास योजना के 5 लाभार्थियों को घरों की चाबी सौंपी।
पीएम ने कहा, 'भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली ट्रेन चलाकर दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया। ये मोदी है... बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते जमीन पर उतारता है। दुनिया की सबसे लंबी व ताकतवर इस हाइड्रोजन ट्रेन की इंजन क्षमता 3200 हॉर्स पावर है। स्वदेशी तकनीक से बनी है। हाइड्रोजन ट्रेन के साथ जींद-सोनीपत, हरियाणा का नाम गर्व से लिया जाएगा।' इसके बाद पीएम चंडीगढ़, जालंधर के लिए रवाना हुए।
धुआं नहीं, भाप छोड़ेगी
10 कोच (8 पैसेंजर, 2 ड्राइविंग पावर कार)
2600 यात्री बैठ सकेंगे
5-25 रुपए किराया, 2 घंटे में 89 किमी.
800 ग्राम हाइड्रोजन गैस में 1 किमी. चलेगी
550 किमी. चलेगी एक बार फ्यूल भरने पर
1 किलो हाइड्रोजन 9 लीटर में बनेगी
भाप से हाइड्रोजन इंजन तक
सीएनजी से चलने वाली ट्रेन का ट्रायल भी हरियाणा में हुआ था
भाप इंजनः 16 अप्रैल 1853 को देश में भाप इंजन की पहली यात्री ट्रेन मुंबई-ठाणे के बीच चली। हरियाणा में 14 फरवरी 1873 को दिल्ली-रेवाड़ी के बीच चली।
इलेक्ट्रिक इंजनः 3 फरवरी 1925 को देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन मुंबई-कुर्ला हार्बर के बीच चली। हरियाणा में 1982 में दिल्ली-फरीदाबाद के बीच चली।
सीएनजी इंजनः 14 जनवरी 2015 को
रोहतक-रेवाड़ी के बीच देश की पहली सीएनजी इंजन वाली ट्रेन चली।
हाइड्रोजन इंजनः 17 जुलाई 2026 को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत के बीच चली। 14 स्टेशन, 12 पर ठहराव।
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Sirsa, Sirsa | Jul 18, 2026