फरीदाबाद के बीके अस्पताल की मोर्चरी के बाहर से सामने आई एक मासूम बच्चे की तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया। अपनी मां को खोने के बाद छोटू ने नाजुक हाथों से अपनी मां का अंतिम संस्कार किया और इसके बाद वह बिलख-बिलखकर रो पड़ा।
लेकिन बच्चे के मामा ने जो फैसला लिया, उसने हर किसी का दिल छू लिया।
मामा ने कहा—“मेरे दो बेटे हैं और मैं मजदूरी करता हूं, लेकिन अब मेरा भांजा मेरे लिए तीसरा बेटा है। मैं एक वक्त का खाना छोड़ दूंगा, लेकिन अपने भांजे को पढ़ाऊंगा और उसे वृंदावन में शिक्षा दिलाऊंगा।”
मामा ने यह भी साफ कहा कि वह अपने भांजे को किसी को गोद नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि जमाना खराब है, लेकिन जो लोग बच्चे की मदद करना चाहते हैं, वे किसी भी तरीके से मदद कर सकते हैं।
मामा ने फरीदाबाद पुलिस से अपनी बहन की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।