⏩हरी खाद से बढ़ती है मिटटी की उर्वरता - उप संचालक
⏩उप संचालक कृषि संग्राम सिंह मरावी ने बताया कि हरी खाद ऐसी फसलें होती हैं जिन्हें खेत में ही जोतकर मिट्टी में मिला दिया जाता है जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों (फसल) को प्राप्त होने वाले पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। हरी खाद से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा ह्यूमस की मात्रा भी बढ़ती है। इससे खेत में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर फसलों की अच्छी वृद्धि होने में मदद करता है। मिट्टी में जैविक पदार्थ (ह्यूमस) की मात्रा में बढ़ोतरी होने से जलधारण क्षमता तथा पोषक तत्वों को पौधे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होने बताया कि इसके उपयोग से मिट्टी की संरचना, जलधारण क्षमता और वायु संचार में सुधार होने से फसल अच्छी होती है। किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होती है जिससे लागत में बचत होगी। मिट्टी को लाभ ही नहीं बल्कि जीवों की संख्या में वृद्धि से उत्पादन में वृद्धि होगी। इससे मृदा