
#गोसेवकों_ने_प्रधानमंत्री_को_लिखा_पत्र_निष्पक्ष_जांच_और_पुनः विचार करने की मांग
बिसाऊ। मध्यप्रदेश के बरसा खेड़ा प्रकरण में 14 गौ सेवकों को दी गई आजीवन कारावास की सजा के विरोध में बिसाऊ के गौ सेवकों ने तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं पुनर्विचार की मांग की है।
ज्ञापन में गो सेवक प्रदीप, खेमसिंह, विक्रम सहित अन्य लोगों ने बताया कि उक्त प्रकरण में 14 गौ सेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाने से देशभर के गो भक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं में गहरी चिंता और असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि मामले में आरोपित व्यक्तियों को उपलब्ध तथ्यों, परिस्थितियों तथा उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के समुचित मूल्यांकन के बिना कठोर दंड दिया गया है, जिससे न्याय की भावना आहत हुई है।
गो सेवकों ने मांग की कि प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा दोषसिद्ध व्यक्तियों को न्याय प्राप्त करने के लिए सभी संवैधानिक एवं कानूनी अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
इस अवसर पर उपस्थित गो सेवकों ने कहा कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है ताकि सत्य सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो सके।
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