
चित्रकूट: पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्र ने असावर माता मंदिर, वाल्मीक आश्रम लालापुर में चल रहे विवाद को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों गांवों की आस्था के केंद्र इस धार्मिक स्थल पर पिछले तीन महीनों से शांति का माहौल था, लेकिन अब पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भरत दास द्वारा किया जा रहा कथित तांडव अत्यंत निंदनीय है।
भैरव प्रसाद मिश्र ने आरोप लगाया कि भरत दास को उसके कथित कृत्यों के कारण तथाकथित महंती और फर्जी ट्रस्ट के सचिव पद से हटाया जा चुका है तथा संत समाज ने भी उसका बहिष्कार कर दिया है। इसके बावजूद प्रशासन उसकी बातों को महत्व दे रहा है, जो समझ से परे है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि माताओं, बहनों एवं साधु-संतों के साथ अभद्रता, मारपीट और लूटपाट जैसे गंभीर मामलों में आरोपी बताए जा रहे भरत दास के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाते हुए वाल्मीक आश्रम और असावर माता मंदिर की गरिमा एवं पवित्रता की रक्षा की जाए।
पूर्व सांसद ने कहा कि वह पीड़ितों और क्षेत्रीय लोगों के हर संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आराध्य स्थल की रक्षा तथा माताओं, बहनों और संत समाज के सम्मान के लिए जो भी आवश्यक होगा, उसे सभी मिलकर करेंगे।
नोट: यह समाचार संबंधित पक्ष (पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्र) द्वारा दिए गए बयान और आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है तथा संबंधित पक्ष का पक्ष इसमें शामिल नहीं है।