
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, करंट से दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत, और आठ झुलसे...
#गोरखपुर। गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार की शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि चार महिलाओं समेत आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीआरडी मेडिकल कालेज के सामने गोरखपुर-महराजगंज फोरलेन पर जाम लगा दिया।
यह है पूरी घटना
गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद के चौहान टोला में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार की शाम बजे ग्रामीण प्रतिमा लेकर कोलुहा घाट पर विसर्जन के लिए निकले थे। प्रतिमा लेकर जा रहा जुलूस जैसे ही गांव के बाहर रजही चौराहे पर रामानंद के दरवाजे के पास 4.30 बजे पहुंचा, तभी डीजे के ऊपर बनी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई।
करंट की चपेट में डीजे के पास मौजूद चंदन, विक्की और लकी समेत 11 लोग आ गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला और आनन-फानन में बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचाया।
बीआरडी मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने जांच के तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान चंदन (पुत्र केदारनाथ) तथा शिव चौहान के दो सगे पुत्रों विक्की और लक्की के रूप में हुई है।
वहीं, इस हादसे में पुष्पा देवी, नंदिनी, धीरेंद्र, मोनू, अंशिका चौहान, शनि चौहान, प्रियांशु, शिवानी और शांतनु गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों का इलाज बीआरडी मेडिकल कालेज में चल रहा है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर भड़के ग्रामीण
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान पूर्व में ही शटडाउन लेकर बिजली आपूर्ति बंद रखने का अनुरोध किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली चालू रखी गई। इसी प्रशासनिक और विभागीय लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ।