
सैकड़ों घरों को बर्बाद करने वाले MCX फरार इनामी कारोबारियों की अग्रिम जमानत पर जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई 24 जून को
👉सभी 5 आरोपियों पर कुल ₹100000 का इनाम छतरपुर पुलिस द्वारा घोषित है इन में से शरद और कल्लू कलई पर 20-20 हजार का इनाम है।
छतरपुर शहर में फर्जी MCX के गद्दियां और डब्बे चलाकर सैकड़ों व्यपारियों को पैसे बढ़ने का लालच देकर उनकी की जमीन घर मकान और जेवर बिकवाने वाले , छतरपुर के युवा व्यापारियों की जिंदगी से खिलवाड करने वाले और उनकी धन संपत्ति लूटने वाले के मुखिया शरद अग्रवाल और उसके खास कल्लू कलई की अग्रिम जमानत याचिका 24 जून को माननीय हाई कोर्ट जबलपुर में सुनी जानी है।
माननीय उच्च न्यायालय पर जनता का पूरा भरोसा है और न्याय की आस भी, इन रसूखदार अरबपति आरोपियों पर एमसीएक्स कारोबारी राजेश अग्रवाल की आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण करने का आरोप है।और इन दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपए का नगद इनाम भी घोषित है जबकि सभी 5 आरोपियों पर कुल 1 लाख रुपए का इनाम घोषित है।
इस पूरे मामले में पूरा छतरपुर जिला भावनात्मक तरीके से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा दिखाई देता है साथ ही मीडिया का एक बड़ा वर्ग भी इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ रहा है।
इन आरोपियों का बोलबाला इतना है कि निचली अदालत में जमानत के समय पीड़ित की पत्नी और मानसिक रूप से अक्षम बेटा जिसे हम परिवार कह सकते है,वह सिर्फ इंतजार कर सकता है क्योंकि निचली अदालत में अग्रिम जमानत के समय परिवार द्वारा पहले आपत्ति लगाई गई और दूसरे ही दिन अनापत्ति, अब परिवार हाईकोर्ट तक लड़ाई ले जाने की स्थिति में नहीं रहा क्योंकि ना तो उनका कोई साथ देने वाला है और ना ही कोई उनके साथ खड़ा है।
इधर पुलिस ने भी लंबी चौड़ी केस डायरी बनाई है और कोशिश हो रही है कि ना रूपों को किसी भी आधार पर अग्रिम जमानत न मिल सके।
सूत्रों की माने तो छतरपुर पुलिस की कई टीमें इन सभी आरोपियों की तलाश में लखनऊ, पुणे ,इंदौर, जबलपुर और कई अन्य शहरों में लगातार दविश मार रही है लेकिन अभी तक आरोपी गिरफ्त से बाहर है।
बैराल कल उच्च न्यायालय में माननीय न्यायाधीश द्वारा निश्चित ही न्याय किया जाएगा लेकिन इस एमसीएक्स के फर्जी कारोबार के द्वारा इन आरोपियों ने जो अकूत संपत्ति अर्जित की है शायद कभी उसे पर भी कोई कार्रवाई की जा सके क्योंकि उनकी संपत्तियां तो हजारों गुना बढ़ गई लेकिन छतरपुर के व्यापारियों के कई घर और दुकान या कहें पुस्तैनी घर और दुकानें बिक गई।