
शादी का झांसा देकर ₹1.20 लाख की ठगी, नगर उंटारी पुलिस का बड़ा एक्शन
फर्जी पहचान पत्र के सहारे रचते थे शादी का नाटक, रेलवे स्टेशन पर दुल्हन बनकर आई लड़की फरार; 66 हजार रुपये, दो मोबाइल और बिना नंबर की बाइक बरामद
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। शादी कराने का झांसा देकर दूसरे राज्यों के अविवाहित युवकों को ठगी का शिकार बनाने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का नगर उंटारी पुलिस ने खुलासा किया है। मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक युवक से शादी तय कराने के नाम पर 1.20 लाख रुपये की ठगी किए जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना की सूचना मिलने के करीब आठ घंटे के भीतर पांच लोगों को हिरासत में लिया। इनमें एक विधि विरुद्ध किशोरी भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 66 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
फर्जी पहचान पत्र भेजकर बिछाया ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के तिखी गांव निवासी गोविन्द पटेल, पिता बालमुकुन्द पटेल, ने 14 अक्टूबर 2026 की रात 12:20 बजे नगर उंटारी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि भानु और उसके गिरोह के सदस्यों ने शादी कराने के नाम पर उनसे 1.20 लाख रुपये ठग लिए।
आरोप है कि गिरोह ने शादी का रिश्ता तय कराने के लिए एक नाबालिग लड़की का नाम रोशनी बताते हुए उसे बालिग दर्शाने वाला फर्जी पहचान पत्र भेजा। इसके बाद 13 अक्टूबर को वादी पक्ष को उत्तर प्रदेश के दुद्धी बुलाया गया, जहां शादी की बात पक्की करने के नाम पर 1.20 लाख रुपये नकद ले लिए गए।
शिकायत के मुताबिक, भानु और सविता देवी ने कथित तौर पर 54 हजार रुपये अपने पास रख लिए, जबकि शेष रकम सोनू कुमार राम को आपस में बांटने के लिए दी गई।
रेलवे स्टेशन पर दुल्हन बनी लड़की फरार
रुपये लेने के बाद कथित साजिश के तहत लड़की को वादी पक्ष के साथ भेज दिया गया। लेकिन नगर उंटारी रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद रात करीब 8:15 बजे वह शौच जाने का बहाना बनाकर चकमा देकर फरार हो गई। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ और पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
ऐसे काम करता था गिरोह
पुलिस के अनुसार, मामले के अनुसंधान में गिरोह के कथित संगठित अपराध करने के तरीके का पता चला है। गिरोह के सदस्य दूसरे राज्यों के जरूरतमंद अविवाहित युवकों को निशाना बनाते थे। शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर लड़की की पहचान और उम्र से संबंधित फर्जी दस्तावेज भेजकर भरोसा जीता जाता था।
इसके बाद लड़के पक्ष को सीमावर्ती इलाके में बुलाकर शादी के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। रकम का बंटवारा करने के बाद लड़की को शादी का नाटक करते हुए लड़के पक्ष के साथ भेज दिया जाता था। आरोप है कि गिरोह के अन्य सदस्य मोटरसाइकिल से पीछे-पीछे चलते थे। रेलवे स्टेशन या किसी भीड़भाड़ वाले स्थान पर लड़की मौका देखकर फरार हो जाती थी और कथित तौर पर पीछा कर रहे साथियों के साथ निकल जाती थी। वारदात के बाद आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते थे, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
आठ घंटे के भीतर पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश और मार्गदर्शन में नगर उंटारी थाना पुलिस ने विशेष छापामारी दल का गठन किया। तकनीकी शाखा की सहायता और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना की सूचना मिलने के करीब आठ घंटे के भीतर पांच लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने उनके पास से ठगी की रकम में से 66 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
हिरासत में लिए गए आरोपियों का विवरण
1. सोनू कुमार राम (24 वर्ष), पिता श्रवण राम, निवासी नगर उंटारी, जिला गढ़वा, झारखंड।
2. चन्दा कुमारी (30 वर्ष), पिता नरेश बेदिया, निवासी बेलवाटिक्का, थाना डंडई, जिला गढ़वा, झारखंड।
3. उपेन्द्र (20 वर्ष), पिता सुग्रीव, निवासी डाला चढ़ाई, पिपरहवा टोला, थाना चोपन, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
4. राजेश सिंह बेदी (27 वर्ष), पिता रामचंद्र सिंह बेदिया, निवासी डाला चढ़ाई, पतरही टोला, थाना चोपन, जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश।
5. एक विधि विरुद्ध किशोरी।
ये सामान हुए बरामद
- नकद राशि: ₹66,000
- मोबाइल फोन: 2
- घटना में प्रयुक्त बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की मोटरसाइकिल: 1
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई
छापामारी दल में नगर उंटारी थाना प्रभारी अविनाश राज, पुलिस अवर निरीक्षक शशि कांत शुक्ला, जितेंद्र कुमार एवं अमित प्रशांत, सहायक अवर निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह, आरक्षी कौशल कुमार द्विवेदी, चालक आरक्षी सतेंद्र कुमार मेहता तथा सहायक आरक्षी अनिल रजक, आनंद पासवान और रंजीत कुमार पासवान शामिल थे।
प्राथमिकी दर्ज, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में नगर उंटारी थाना कांड संख्या 208/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 111(2) और 61(2) में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
DC Garhwa Garhwa Police
Kanke, Ranchi | Oct 14, 2026