तीर्थन घाटी के सुप्रसिद्ध भिंडी थाच में Management Committee, GHNP वन अधिकारियों, पर्यटन विभाग तथा स्थानीय लोगों के साथ क्षेत्र के विकास और भविष्य की संभावनाओं को लेकर चर्चा
बैठक में इस क्षेत्र को प्रकृति एवं इको-टूरिज्म के दृष्टिकोण से विकसित करने, स्थानीय युवाओं और लोगों को पर्यटन से जोड़ने, बेहतर ट्रैकिंग सुविधाएं, साइन बोर्ड, स्वच्छता, नेचर इंटरप्रिटेशन, स्थानीय होमस्टे एवं पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर बातचीत
साथ ही यह भी चर्चा हुई कि GHNP, वन विभाग, पर्यटन विभाग, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय समुदाय आपसी समन्वय से काम करें, ताकि पर्यटन का विकास प्रकृति और स्थानीय पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो और इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिले।
भिंडी थाच केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि हमारी प्राकृतिक धरोहर और स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है। जरूरत है कि इसकी सुंदरता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से इसे आगे बढ़ाया जाए।
स्थानीय सहभागिता + प्रकृति संरक्षण + जिम्मेदार पर्यटन = तीर्थन घाटी का बेहतर भविष्य।
Kullu, Kullu | Sep 29, 2026