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*मऊगंज में शराब सिंडिकेट बेलगाम!* *एमआरपी को ठेंगा, हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये की खुली वसूली* *आबकारी विभाग पर उठे सवाल, जनता बोली- आखिर किसके संरक्षण में चल रही है यह लूट?* *मऊगंज।* जिले में शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चाक मोड़ स्थित सिंचाई विभाग के सामने संचालित शराब दुकान पर निर्धारित एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां हर क्वार्टर पर 25 से 50 रुपये तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें या तो बहाने बनाकर टाल दिया जाता है या फिर कहा जाता है कि "यही रेट है, लेना हो तो लो।" *एमआरपी सिर्फ बोतल पर, बिक्री अपनी मर्जी से* शराब की प्रत्येक बोतल पर कंपनी द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) स्पष्ट रूप से अंकित होता है, लेकिन आरोप है कि इस दुकान पर तय मूल्य को नजरअंदाज कर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की अन्य दुकानों की तुलना में यहां शराब अधिक कीमत पर बेची जा रही है। *आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल* इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और कार्रवाई होती, तो खुलेआम ओवररेटिंग संभव नहीं होती। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। *जनता ने की जांच की मांग* स्थानीय उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान पर औचक निरीक्षण कराया जाए, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच हो तथा यदि ओवररेटिंग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। *कलेक्टर से कार्रवाई की उम्मीद* जिले में प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचाने जाने वाले कलेक्टर से लोगों को उम्मीद है कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि एमआरपी से अधिक वसूली हो रही है तो दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ आबकारी विभाग की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। *बड़ा सवाल?* यदि शराब निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, तो आखिर इसकी निगरानी कौन कर रहा है? क्या उपभोक्ताओं की शिकायतों पर प्रशासन कार्रवाई करेगा, या फिर यह कथित ओवररेटिंग का खेल यूं ही चलता रहेगा? अब सभी की नजर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

Mauganj, Rewa | Jul 10, 2026

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