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गुजरात में बाढ़ का सबसे बड़ा राज! आखिर PDO क्या है, जिसने बदल दिया पूरा मॉनसून का खेल गुजरात में इस बार हो रही रिकॉर्डतोड़ बारिश ने साफ कर दिया कि मॉनसून को सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना के आधार पर समझना काफी नहीं है। कई इलाकों में कुछ घंटों के भीतर 424mm से 552mm के बीच बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं, सड़कें डूब गईं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। 24 जुलाई के लिए भी बड़ा अलर्ट जारी है। ऐसे में अब मौसम विज्ञान की दुनिया में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है-पैसिफिक डिकेडल ऑसीलेशन (PDO)। सवाल यही है कि क्या इस बड़े समुद्री पैटर्न ने गुजरात में भारी बारिश की स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई? PDO क्या है और यह क्यों मायने रखता है? PDO यानी Pacific Decadal Oscillation प्रशांत महासागर के सतही तापमान में दशकों तक चलने वाला बदलाव है। यह अल-नीनो और ला-नीना की तरह ही एक जलवायु पैटर्न है, लेकिन इसका असर कुछ महीनों नहीं बल्कि 20 से 30 साल तक रह सकता है। इसके दो चरण होते हैं- पॉजिटिव और नेगेटिव। फिलहाल PDO मजबूत नेगेटिव फेज में माना जा रहा है, जिसका असर दुनिया के कई मौसम तंत्रों पर देखा जा रहा है। नेगेटिव PDO कैसे बढ़ाता है मॉनसून की ताकत? नेगेटिव PDO के दौरान भारत की ओर नमी लेकर आने वाली हवाएं ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं। अरब सागर और हिंद महासागर से आने वाली नमी मॉनसून सिस्टम को अतिरिक्त ऊर्जा देती है। इससे कई बार सामान्य से ज्यादा बारिश और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी भारत, खासकर गुजरात, इस तरह की नमी का सीधा असर महसूस करता है। PDO पर क्यों चूके कई मौसम मॉडल? अधिकांश मौसमी पूर्वानुमान अल-नीनो और ला-नीना जैसे कम अवधि वाले कारकों पर ज्यादा आधारित होते हैं। PDO जैसे लंबे समय तक असर डालने वाले पैटर्न को मॉडल पूरी तरह पकड़ नहीं पाते। यही वजह रही कि कुछ शुरुआती आकलनों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई, जबकि वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही। गुजरात की बाढ़ से क्या सीख मिली? भारी बारिश किसी एक मौसम प्रणाली का परिणाम नहीं होती। बड़े समुद्री पैटर्न, स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियां, अरब सागर से लगातार मिल रही नमी और बदलती जलवायु- ये सभी मिलकर अत्यधिक बारिश की स्थिति बना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के बेहतर मौसम पूर्वानुमान के लिए PDO, Indian Ocean Dipole (IOD) और अन्य बड़े जलवायु संकेतकों को भी बराबर महत्व देना होगा। गुजरात की हालिया बाढ़ यह याद दिलाती है कि मौसम को समझना पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है। सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना पर नजर रखना पर्याप्त नहीं है। PDO जैसे दीर्घकालिक जलवायु पैटर्न भी मॉनसून की दिशा और ताकत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलते जलवायु दौर में ऐसे संकेतकों को बेहतर ढंग से समझना ही अधिक सटीक पूर्वानुमान और प्रभावी आपदा तैयारी की कुंजी साबित हो सकता है। नीचे वीडियो में देखें गुजरात में बाढ़ की स्थिति-

Hardoi, Hardoi | Jul 24, 2026

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रेलवे गंज में व्यापारी के घर हुई चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, नकदी जेवर बरामद

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Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026

शराब ठेका पर दबंगई लीक माल बेचने पर भड़का सेल्समैन

#हरदोई/टड़ियावां। थाना क्षेत्र के कालाआम में एक दुकान पर सेल्समैन द्वारा कथित रूप से लीक (खराब) पौवा बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जब ग्राहक ने बाहर से ही बोतल में लीकेज दिखाया, तो सेल्समैन भड़क गया।बताया जा रहा है कि सेल्समैन ने न सिर्फ गलती मानने से इनकार किया, बल्कि ग्राहक को धमकी देते हुए कहा कि “दुकान में हाथ डालोगे तो गिराकर मारूंगा।” इस व्यवहार से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की दबंगई से ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है।
#रिपोर्ट:विनय गुप्ता द टेलीकास्ट न्यूज

शराब ठेका पर दबंगई लीक माल बेचने पर भड़का सेल्समैन #हरदोई/टड़ियावां। थाना क्षेत्र के कालाआम में एक दुकान पर सेल्समैन द्वारा कथित रूप से लीक (खराब) पौवा बेचे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जब ग्राहक ने बाहर से ही बोतल में लीकेज दिखाया, तो सेल्समैन भड़क गया।बताया जा रहा है कि सेल्समैन ने न सिर्फ गलती मानने से इनकार किया, बल्कि ग्राहक को धमकी देते हुए कहा कि “दुकान में हाथ डालोगे तो गिराकर मारूंगा।” इस व्यवहार से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की दबंगई से ग्राहक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है। #रिपोर्ट:विनय गुप्ता द टेलीकास्ट न्यूज

Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026

करोड़ों बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान तानाशाह सरकार में बैठे भ्रष्ट शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा

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Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026

🚨 **पति ने संतान न होने पर गुपचुप रचाई दूसरी शादी: दर-दर भटक रही पहली पत्नी ने समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार** 🚨

📍 **कायमगंज**

कायमगंज थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति पर बिना उसकी सहमति और जानकारी के दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय पाने के लिए पीड़िता लगातार कोतवाली के चक्कर लगा रही है।

🔹 **क्या है पूरा मामला?**

* रानीपुर गौर निवासी पीड़िता विनीता देवी की शादी लगभग 12 वर्ष पहले दिलीप कुमार (पुत्र महिपाल सिंह) के साथ हुई थी।
* विवाह के इतने वर्षों बाद भी उन्हें संतान नहीं हुई, जिस कारण पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली।
* पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीते 20 जुलाई को उसके पति, सास, ससुर और ननद उसे छोड़कर घर से चले गए हैं।

🔹 **पीड़िता की मांग:**

* महिला ने 'समाधान दिवस' के दौरान प्रभारी निरीक्षक को अपना शिकायती पत्र सौंपा है।
* वह अपने जीवन-यापन के लिए कानूनी अधिकार और मामले में उचित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है।

🔹 **पुलिस की कार्रवाई:**

* इस मामले को लेकर इंस्पेक्टर क्राइम बी. यादव ने बताया कि पीड़िता अभी भी अपने पति के साथ ही रहना चाहती है।
* ससुराल पक्ष के लोगों के वापस लौटने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी

🚨 **पति ने संतान न होने पर गुपचुप रचाई दूसरी शादी: दर-दर भटक रही पहली पत्नी ने समाधान दिवस में लगाई न्याय की गुहार** 🚨 📍 **कायमगंज** कायमगंज थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति पर बिना उसकी सहमति और जानकारी के दूसरी शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय पाने के लिए पीड़िता लगातार कोतवाली के चक्कर लगा रही है। 🔹 **क्या है पूरा मामला?** * रानीपुर गौर निवासी पीड़िता विनीता देवी की शादी लगभग 12 वर्ष पहले दिलीप कुमार (पुत्र महिपाल सिंह) के साथ हुई थी। * विवाह के इतने वर्षों बाद भी उन्हें संतान नहीं हुई, जिस कारण पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी कर ली। * पीड़िता ने आरोप लगाया है कि बीते 20 जुलाई को उसके पति, सास, ससुर और ननद उसे छोड़कर घर से चले गए हैं। 🔹 **पीड़िता की मांग:** * महिला ने 'समाधान दिवस' के दौरान प्रभारी निरीक्षक को अपना शिकायती पत्र सौंपा है। * वह अपने जीवन-यापन के लिए कानूनी अधिकार और मामले में उचित व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है। 🔹 **पुलिस की कार्रवाई:** * इस मामले को लेकर इंस्पेक्टर क्राइम बी. यादव ने बताया कि पीड़िता अभी भी अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। * ससुराल पक्ष के लोगों के वापस लौटने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी

Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026

बेलगाम रफ्तार का कहर: बेसुध कार चालक ने तीन बाइकों को रौंदा, तीन युवक घायल, एक की हालत गंभीर
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#हरदोई: कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के कोथावां में शनिवार को तेज रफ्तार का ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने राहगीरों के रोंगटे खड़े कर दिए। बताते चलें कि प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर नगवा मोड़ के पास एक बेलगाम कार ने एक के बाद एक तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि टक्कर की भयावहता से तीनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद कार चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार संख्या UP77AU2080 अत्यधिक तेज गति से प्रतापनगर की ओर से आ रही थी। नगवा मोड़ के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे तीन बाइक सवारों को बारी-बारी से अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और घायल युवक कई फीट दूर जा गिरे।
हादसे में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के अटिया मझिगवा गांव निवासी उमेश (19) पुत्र मुकेश, छुन्नी (20) पुत्र शौकीन तथा जिगिंदर (22) पुत्र लक्ष्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि तीनों युवक बर्तन फेरी का काम कर घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोथावां चौकी प्रभारी विजयंत मिश्रा ने घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां भेजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उमेश की हालत नाजुक देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि अन्य दोनों घायलों का उपचार कर घर भेज दिया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि कोथावां कस्बे में प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। बेलगाम गति और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, नियमित चेकिंग कराने और दोषी चालक को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
कोथावां चौकी प्रभारी विजयंत मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना करने वाली काले रंग की चार पहिया कार की पहचान कर ली गई है। फरार चालक की तलाश की जा रही है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज

बेलगाम रफ्तार का कहर: बेसुध कार चालक ने तीन बाइकों को रौंदा, तीन युवक घायल, एक की हालत गंभीर . #हरदोई: कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज के कोथावां में शनिवार को तेज रफ्तार का ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने राहगीरों के रोंगटे खड़े कर दिए। बताते चलें कि प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर नगवा मोड़ के पास एक बेलगाम कार ने एक के बाद एक तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि टक्कर की भयावहता से तीनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद कार चालक मौके से वाहन सहित फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार संख्या UP77AU2080 अत्यधिक तेज गति से प्रतापनगर की ओर से आ रही थी। नगवा मोड़ के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे तीन बाइक सवारों को बारी-बारी से अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और घायल युवक कई फीट दूर जा गिरे। हादसे में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के अटिया मझिगवा गांव निवासी उमेश (19) पुत्र मुकेश, छुन्नी (20) पुत्र शौकीन तथा जिगिंदर (22) पुत्र लक्ष्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि तीनों युवक बर्तन फेरी का काम कर घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोथावां चौकी प्रभारी विजयंत मिश्रा ने घायलों को एम्बुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां भेजवाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक परीक्षण के बाद उमेश की हालत नाजुक देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जबकि अन्य दोनों घायलों का उपचार कर घर भेज दिया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि कोथावां कस्बे में प्रतापनगर–संडीला मार्ग पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। बेलगाम गति और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, नियमित चेकिंग कराने और दोषी चालक को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कोथावां चौकी प्रभारी विजयंत मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना करने वाली काले रंग की चार पहिया कार की पहचान कर ली गई है। फरार चालक की तलाश की जा रही है और उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। #रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज

Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026

गुजरात में बाढ़ का सबसे बड़ा राज! आखिर PDO क्या है, जिसने बदल दिया पूरा मॉनसून का खेल गुजरात में इस बार हो रही रिकॉर्डतोड़ बारिश ने साफ कर दिया कि मॉनसून को सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना के आधार पर समझना काफी नहीं है। कई इलाकों में कुछ घंटों के भीतर 424mm से 552mm के बीच बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर आ गईं, सड़कें डूब गईं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। 24 जुलाई के लिए भी बड़ा अलर्ट जारी है। ऐसे में अब मौसम विज्ञान की दुनिया में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है-पैसिफिक डिकेडल ऑसीलेशन (PDO)। सवाल यही है कि क्या इस बड़े समुद्री पैटर्न ने गुजरात में भारी बारिश की स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई? PDO क्या है और यह क्यों मायने रखता है? PDO यानी Pacific Decadal Oscillation प्रशांत महासागर के सतही तापमान में दशकों तक चलने वाला बदलाव है। यह अल-नीनो और ला-नीना की तरह ही एक जलवायु पैटर्न है, लेकिन इसका असर कुछ महीनों नहीं बल्कि 20 से 30 साल तक रह सकता है। इसके दो चरण होते हैं- पॉजिटिव और नेगेटिव। फिलहाल PDO मजबूत नेगेटिव फेज में माना जा रहा है, जिसका असर दुनिया के कई मौसम तंत्रों पर देखा जा रहा है। नेगेटिव PDO कैसे बढ़ाता है मॉनसून की ताकत? नेगेटिव PDO के दौरान भारत की ओर नमी लेकर आने वाली हवाएं ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं। अरब सागर और हिंद महासागर से आने वाली नमी मॉनसून सिस्टम को अतिरिक्त ऊर्जा देती है। इससे कई बार सामान्य से ज्यादा बारिश और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी भारत, खासकर गुजरात, इस तरह की नमी का सीधा असर महसूस करता है। PDO पर क्यों चूके कई मौसम मॉडल? अधिकांश मौसमी पूर्वानुमान अल-नीनो और ला-नीना जैसे कम अवधि वाले कारकों पर ज्यादा आधारित होते हैं। PDO जैसे लंबे समय तक असर डालने वाले पैटर्न को मॉडल पूरी तरह पकड़ नहीं पाते। यही वजह रही कि कुछ शुरुआती आकलनों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई, जबकि वास्तविक स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत रही। गुजरात की बाढ़ से क्या सीख मिली? भारी बारिश किसी एक मौसम प्रणाली का परिणाम नहीं होती। बड़े समुद्री पैटर्न, स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियां, अरब सागर से लगातार मिल रही नमी और बदलती जलवायु- ये सभी मिलकर अत्यधिक बारिश की स्थिति बना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के बेहतर मौसम पूर्वानुमान के लिए PDO, Indian Ocean Dipole (IOD) और अन्य बड़े जलवायु संकेतकों को भी बराबर महत्व देना होगा। गुजरात की हालिया बाढ़ यह याद दिलाती है कि मौसम को समझना पहले से कहीं अधिक जटिल हो गया है। सिर्फ अल-नीनो या ला-नीना पर नजर रखना पर्याप्त नहीं है। PDO जैसे दीर्घकालिक जलवायु पैटर्न भी मॉनसून की दिशा और ताकत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बदलते जलवायु दौर में ऐसे संकेतकों को बेहतर ढंग से समझना ही अधिक सटीक पूर्वानुमान और प्रभावी आपदा तैयारी की कुंजी साबित हो सकता है। नीचे वीडियो में देखें गुजरात में बाढ़ की स्थिति- - Hardoi News