
दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरी संगीत और बॉलीवुड की बड़ी हस्तियां, मीका सिंह से कपिल शर्मा तक ने उठाई आवाज
कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति को लेकर विवाद के बाद कलाकारों ने जताई नाराजगी, सेहत और सम्मान का दिया हवाला; शराब पीने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हरिद्वार स्तम्भ | मनोरंजन डेस्क
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में आयोजित कुंजापुरी मेले में मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर उठा विवाद अब मनोरंजन जगत तक पहुंच गया है। मंच पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दलेर मेहंदी की गायकी पर सवाल उठाए जाने और उनके नशे में होने का आरोप लगाए जाने के बाद संगीत और बॉलीवुड जगत की कई बड़ी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। मीका सिंह, अनुपम खेर, कपिल शर्मा और बादशाह समेत कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के सम्मान, स्वास्थ्य और संगीत जगत में उनके योगदान का जिक्र करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—यदि किसी कलाकार की प्रस्तुति से आयोजक संतुष्ट नहीं हैं, तो क्या अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सार्वजनिक मंच पर इस तरह सवाल उठाना उचित है? वहीं, कलाकार की ओर से भी दर्शकों और आयोजकों के प्रति पेशेवर जिम्मेदारी निभाने का सवाल चर्चा में है।
मीका सिंह बोले—भाई पर लगाए गए आरोप गलत
दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने उनके समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने शराब पीने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके भाई शराब नहीं पीते। मीका ने यहां तक कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि दलेर मेहंदी ने शराब पी थी, तो वह गाना छोड़ देंगे।
मीका सिंह ने दलेर मेहंदी की सेहत का हवाला देते हुए बताया कि उनकी हाल ही में बड़ी सर्जरी हुई है। उनके मुताबिक, कलाकार कई बार अपनी शारीरिक परेशानियों के बावजूद कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने पहुंचते हैं, क्योंकि वे अपने पेशेवर दायित्वों को निभाना चाहते हैं।
अनुपम खेर ने उठाए सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल
अभिनेता अनुपम खेर ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनकी प्रस्तुति से शिकायत थी, तो उस पर सम्मानजनक तरीके से बातचीत की जा सकती थी। किसी कलाकार को सार्वजनिक मंच पर इस तरह टोकना और उसके खिलाफ आरोप लगाना उचित नहीं है।
अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी के लंबे संगीत सफर और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि एक कलाकार अपनी प्रतिभा और मेहनत से वर्षों में पहचान बनाता है। उन्होंने दलेर मेहंदी के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
कपिल शर्मा ने की संवेदनशीलता बरतने की अपील
कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा ने भी इस विवाद के बीच लोगों से संवेदनशीलता और दयालुता बरतने की अपील की। उन्होंने दलेर मेहंदी की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की परिस्थितियों को समझे बिना उसके बारे में राय बनाने से बचना चाहिए।
कपिल का संदेश इस बात पर केंद्रित रहा कि किसी भी विवाद के बीच इंसानियत और दूसरे व्यक्ति की गरिमा को नहीं भूलना चाहिए।
बादशाह, शान और अन्य कलाकार भी आए समर्थन में
रैपर बादशाह समेत संगीत जगत के अन्य कलाकारों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रियाएं दीं। शान, हर्षदीप कौर, पलाश सेन और अलीशा चिनॉय जैसे कलाकारों ने उनकी प्रतिभा और संगीत में योगदान का उल्लेख किया।
इन प्रतिक्रियाओं के बाद यह मामला केवल एक कार्यक्रम की प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कलाकारों के सम्मान, सार्वजनिक व्यवहार और पेशेवर जवाबदेही को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?
18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नई टिहरी क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और उनकी गायकी पर सवाल उठाए। मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे और नशे में थे। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया।
हालांकि, दलेर मेहंदी के शराब के नशे में होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, उनके समर्थकों ने उनकी सेहत और हालिया सर्जरी का हवाला दिया है। ऐसे में आरोपों और समर्थन में दिए गए बयानों को अलग-अलग तथ्यों के रूप में देखना जरूरी है।
सम्मान भी जरूरी, जवाबदेही भी
दलेर मेहंदी विवाद ने दो महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा है। पहला, किसी कलाकार की प्रस्तुति को लेकर शिकायत होने पर आयोजकों को अपनी बात रखने का अधिकार है। दूसरा, ऐसी शिकायतों को किस तरीके से उठाया जाता है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कलाकार का सम्मान और दर्शकों के प्रति उसकी जिम्मेदारी एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। यदि प्रस्तुति में कोई कमी रही हो, तो उसकी समीक्षा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। वहीं, किसी पर गंभीर आरोप लगाने से पहले उनकी पुष्टि भी जरूरी है।
फिलहाल, कुंजापुरी मेले से शुरू हुआ यह विवाद मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं और विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
हरिद्वार स्तम्भ का सवाल: क्या किसी कलाकार की प्रस्तुति से असंतुष्ट होने पर सार्वजनिक मंच पर उसे टोकना उचित है, या शिकायत का समाधान सम्मानजनक बातचीत से किया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
Haridwar Stambh Vasudev
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