
बेटे के लिए मां ने फिर पहन ली छात्रा की भूमिका, DSB में भावुक कर देने वाली कहानी
नैनीताल। मां की ममता की कोई उम्र नहीं होती। बेटा जब किसी सपने के लिए संघर्ष करता है, तो मां भी उसके साथ खड़ी हो जाती है। नैनीताल के डीएसबी परिसर छात्रसंघ चुनाव में ऐसी ही एक कहानी सामने आई, जिसने चुनावी माहौल के बीच मां-बेटे के रिश्ते को चर्चा का विषय बना दिया।
डीएसबी परिसर में निर्दलीय प्रत्याशी भानु प्रताप सिंह चौहान ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया। लेकिन उनकी जीत के साथ जिस शख्स की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वह हैं उनकी मां बीना चौहान।
बेटे के चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए बीना चौहान ने खुद डीएसबी परिसर में एमए राजनीति विज्ञान में दाखिला लिया। इसके बाद वह परिसर में छात्रा के रूप में रहकर बेटे के समर्थन में छात्र-छात्राओं से संवाद और प्रचार करती नजर आईं।
खास बात यह है कि बीना चौहान पहले भी उच्च शिक्षा हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने 2014 में एमए एजुकेशन किया था और 2025 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। अब उन्होंने दोबारा एमए में प्रवेश लिया है और उनका कहना है कि चुनाव के बाद वह अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी।
चुनाव का परिणाम भले ही एक पद की जीत हो, लेकिन इस कहानी ने एक बार फिर यह एहसास जरूर कराया कि मां अपने बच्चों के सपनों के लिए किसी भी उम्र में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी हो सकती है।
मां का साथ हो तो हौसला बढ़ जाता है…
और बेटे की जीत में मां की मेहनत की खुशी अलग ही होती है। ❤️
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