
ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूह महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। अनूपपुर जिले के विकासखंड जैतहरी के ग्राम पपड़ौडी की श्रीमती मनराजिया बाई ने शारदा स्व सहायता समूह से जुड़कर अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाया है।
मनराजिया बाई ने समूह से जुड़ने के बाद सिलाई सेंटर एवं मनिहारी दुकान का संचालन शुरू किया। सिलाई कार्य के साथ मनिहारी सामग्री की दुकान संचालित करने से उन्हें स्थानीय स्तर पर नियमित आय का अवसर मिला। अब वे अपने कार्य का संचालन स्वयं करते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने से मनराजिया बाई में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आजीविका गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला। आज उनकी मेहनत और लगन से सिलाई सेंटर एवं मनिहारी दुकान उनके लिए आय का माध्यम बन चुके हैं।
मनराजिया बाई का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला। अपने काम से होने वाली आय से वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पा रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मनराजिया बाई की यह कहानी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि समूह से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाया जा सकता है। उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास ने उनके जीवन में बदलाव की नई राह खोली है।
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