
चार साल का प्रेम, परिवार का विरोध और दर्दनाक अंत: किराए के कमरे में मिले प्रेमी-प्रेमिका के शव
सहारनपुर। दिल्ली मार्ग स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी के एक किराए के कमरे में लैब तकनीशियन सैम कमनिश और शिक्षिका आस्था के शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोनों के चार साल पुराने प्रेम संबंधों ने पूरे घटनाक्रम की कई परतें खोल दी हैं। पुलिस के अनुसार, गागलहेड़ी क्षेत्र के रसूलपुर पापड़ेकी गांव निवासी आस्था की मां का करीब चार वर्ष पहले दिल्ली मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। इसी दौरान अस्पताल में कार्यरत लैब तकनीशियन सैम कमनिश और आस्था की मुलाकात हुई। परिचय धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया और दोनों लगातार संपर्क में रहने लगे। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर भी नियमित बातचीत की पुष्टि की है। जांच में सामने आया कि परिजनों को दोनों के रिश्ते की जानकारी होने के बाद उन्होंने इसका विरोध किया। इसी बीच आस्था के विवाह की तैयारी भी चल रही थी, जिससे दोनों मानसिक तनाव में थे। बुधवार सुबह आस्था घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सैम पर शक जताया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में दोनों एक वाहन से जाते दिखाई दिए। वाहन चालक से पूछताछ के बाद पुलिस स्टेट बैंक कॉलोनी स्थित सैम के किराए के कमरे तक पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो सैम का शव खिड़की से बने फंदे पर लटका मिला। उसके हाथ की नस भी कटी हुई थी। वहीं फर्श पर आस्था का शव पड़ा था और उसके मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि युवती ने कोई विषैला पदार्थ सेवन किया था। हालांकि मौत के वास्तविक कारण का पता विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। घटनास्थल की जांच में दीवार पर खून से लिखा 'आई लव ऑल ऑफ यू' और 'सॉरी' मिला। कमरे से दर्द निवारक दवाओं की शीशियां, रैपर और सर्जिकल उपकरण भी बरामद हुए। पुलिस का मानना है कि सैम ने आत्महत्या से पहले दर्द कम करने की दवा ली थी। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आस्था की मौत के बाद सैम ने उसे गले लगाया था। आस्था के कपड़ों पर मिले खून के धब्बों की भी जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सैम की मौत आंशिक फंदा लगने से हुई। उसने कपड़े सुखाने वाली रस्सी को खिड़की से बांधकर घुटनों के बल बैठते हुए शरीर का पूरा भार फंदे पर डाल दिया था, जिससे गर्दन की हड्डी टूट गई। वहीं आस्था की मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। उसका विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही पूरे मामले की अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी।
Hardoi, Hardoi | Jul 3, 2026