
10 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे किसान, समझौते के बाद पोस्टमार्टम को माने परिजन
जोधपुर। खेड़ापा थाना क्षेत्र के बिरसालू कलां गांव में खेत पर हुए जानलेवा हमले में घायल किसान खुशाल सिंह की 10 दिन तक चले इलाज के बाद मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में मौत हो गई। किसान की मौत के बाद परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न मांगों को लेकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब एक दिन चली वार्ता के बाद पुलिस-प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने पर पोस्टमार्टम कराया गया।
प्रशासन ने परिजनों को खेत तक जाने का रास्ता बहाल कराने, मामले के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव का पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई।
गौरतलब है कि 25 जून की शाम बिरसालू कलां गांव में खेत पर 30 से 35 लोगों ने कथित रूप से हथियारों और लाठियों से हमला कर खुशाल सिंह और उनके भाई हुकमसिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खुशाल सिंह लगातार 10 दिन तक बेहोश रहे और शनिवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायल हुकमसिंह ने खेड़ापा थाने में दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया कि करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोगों ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों के साथ भी मारपीट और अभद्रता की गई। हमले में हुकमसिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए।
पुलिस ने पहले दर्ज जानलेवा हमले के मामले में अब किसान की मौत के बाद संबंधित धाराएं बढ़ाते हुए जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। वहीं इस घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।