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अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा मखाना का प्रसंस्करण, स्थापित होंगे आधुनिक पॉपिंग सेंटर कृषि उत्पादों के निर्यात को मिलेगा नया आयाम, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगी पूरी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण, निर्यात को मिलेगा नया विस्तार-विजय कुमार सिन्हा पटना।कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात की समीक्षा के उपरान्त कहा कि बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, अवसंरचना एवं परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं पर समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक पूरी व्यवस्था विकसित करेगी। मंत्री ने कहा कि राज्य से निर्यात होने वाले कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि बिहार के उत्पाद वैश्विक बाजार की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। मंत्री ने मखाना के निर्यात पर बल देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरूप मखाना तैयार करने के लिए आधुनिक मखाना पॉपिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों की स्थापना कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की देखरेख एवं तकनीकी मार्गदर्शन में की जाएगी। सरकार की सहायता से इन पॉपिंग सेंटरों पर आधुनिक पॉपिंग यंत्रों की व्यवस्था की जायेगी, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके। कृषि मंत्री ने कहा कि इन पॉपिंग सेंटरों पर किसान स्वयं अपने मखाना का पॉपिंग कर सकेंगे। इन पॉपिंग सेंटरों पर तैयार किया गया मखाना अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं निर्यात मानकों के अनुरूप होगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ बिहार के मखाना की वैश्विक बाजार में मांग और पहचान भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों एवं संबंधित हितधारकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। कृषि निर्यात के लिए आवश्यक कार्गाे उड़ानों की संख्या बढ़ाने, निर्यात अवसंरचना के विकास एवं आधुनिकीकरण तथा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं उनकी संख्या में वृद्धि के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार बिहार राज्य कृषि निर्यात नीति पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। इस नीति के लागू होने से राज्य में कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता संवर्धन, भंडारण, लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात को एक नई दिशा मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान होगा। कृषि मंत्री ने कहा, हम उत्पादन तो करते हैं और अपने उत्पाद को खेत एवं खलिहान से बाजार तक भी ले आते हैं, लेकिन बंदरगाह तक पहुंचाने का कार्य कोई और करता है। अब आवश्यकता है कि बिहार अपने कृषि उत्पादों के निर्यात की पूरी श्रृंखला को मजबूत करे, ताकि हमारे किसानों के उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचें और उसका अधिकतम लाभ किसानों को ही मिले। उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रमाणन, परिवहन, निर्यात अवसंरचना एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, ताकि बिहार के कृषि उत्पाद विश्व बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकें।

Rajauli, Nawada | Aug 6, 2026

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Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026

बिहार की राजनीति में आज एक अहम मोड़ आया है। राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दिया है।

 इस फैसले के साथ ही उस संवैधानिक उलझन का भी पटाक्षेप हो गया है जो पि तयछले कुछ समय से मंत्री पद को लेकर बनी हुई थी। दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं और भाजपा कोटे से बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंत्री बनने के बावजूद वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल भी किया था कि बिना सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति मंत्री पद पर कैसे बना रह सकता है। अब राज्यपाल के मनोनयन के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है और वे अगले छह वर्ष तक विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।

यह मनोनयन ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसी रिक्त सीट पर दीपक प्रकाश को नामित किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सरकार की रणनीति और संगठनात्मक संतुलन दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायती राज विभाग बिहार में ग्रामीण विकास की रीढ़ माना जाता है और इस विभाग के मंत्री के रूप में दीपक प्रकाश पर पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने, मनरेगा, आवास योजना और ग्रामीण सड़कों जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि मैं राज्यपाल महोदय और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मुझे विधान परिषद में जनता की आवाज बनने का अवसर मिला है। मैं इस विश्वास को अपनी मेहनत और समर्पण से सिद्ध करूंगा। बिहार के गांवों का विकास मेरी प्राथमिकता है और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करके ही हम अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं। 

अपने दूसरे बयान में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से जो संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही थी वह अब समाप्त हो गई है। अब पूरा ध्यान बिहार के विकास और गरीब कल्याण पर होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, डिजिटल पंचायत और पारदर्शी शासन की दिशा में तेजी से काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब अब काम से दिया जाएगा। 

राज्यपाल के इस मनोनयन को भाजपा और एनडीए के भीतर एक संतुलित कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राहत मिली है बल्कि पंचायती राज विभाग में चल रही योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि नए सदस्य के रूप में दीपक प्रकाश विधान परिषद में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण बिहार के लिए क्या नई पहल लेकर आते हैं।

बिहार की राजनीति में आज एक अहम मोड़ आया है। राज्यपाल ने अधिसूचना जारी कर बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत कर दिया है। इस फैसले के साथ ही उस संवैधानिक उलझन का भी पटाक्षेप हो गया है जो पि तयछले कुछ समय से मंत्री पद को लेकर बनी हुई थी। दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र हैं और भाजपा कोटे से बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंत्री बनने के बावजूद वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल भी किया था कि बिना सदन का सदस्य बने कोई व्यक्ति मंत्री पद पर कैसे बना रह सकता है। अब राज्यपाल के मनोनयन के बाद उनके मंत्री पद पर बने रहने का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है और वे अगले छह वर्ष तक विधान परिषद सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। यह मनोनयन ऐसे समय में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसी रिक्त सीट पर दीपक प्रकाश को नामित किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सरकार की रणनीति और संगठनात्मक संतुलन दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। पंचायती राज विभाग बिहार में ग्रामीण विकास की रीढ़ माना जाता है और इस विभाग के मंत्री के रूप में दीपक प्रकाश पर पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने, मनरेगा, आवास योजना और ग्रामीण सड़कों जैसी योजनाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि मैं राज्यपाल महोदय और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। मुझे विधान परिषद में जनता की आवाज बनने का अवसर मिला है। मैं इस विश्वास को अपनी मेहनत और समर्पण से सिद्ध करूंगा। बिहार के गांवों का विकास मेरी प्राथमिकता है और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करके ही हम अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा सकते हैं। अपने दूसरे बयान में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से जो संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही थी वह अब समाप्त हो गई है। अब पूरा ध्यान बिहार के विकास और गरीब कल्याण पर होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने, डिजिटल पंचायत और पारदर्शी शासन की दिशा में तेजी से काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब अब काम से दिया जाएगा। राज्यपाल के इस मनोनयन को भाजपा और एनडीए के भीतर एक संतुलित कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सरकार को राहत मिली है बल्कि पंचायती राज विभाग में चल रही योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। अब देखना होगा कि नए सदस्य के रूप में दीपक प्रकाश विधान परिषद में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं और ग्रामीण बिहार के लिए क्या नई पहल लेकर आते हैं।

Rajauli, Nawada | Aug 7, 2026

रजौली  पूर्वी पंचायत के नावाडीह गांव  में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया

सनोज कुमार संगम 

रजौली प्रखंड के रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गाँव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें एक दिन पूर्व 30 आवेदन आया और 24 आवेदन का निष्पादन किया गया एवं सहयोग शिविर में आए 25 आवेदन में 2 आवेदन का निष्पादन किया गया।वहीं प्रखंड स्तरीय अधिकांश अधिकारियों ने पूर्वी  पंचायत क नावाडीह गांव पहुंचकर अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि शिविर का समय सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया था ।
ग्रामीणों ने कहा कि अपनी समस्या शिविर में अधिकारियों के पास रखा गया । जिसनें कुछ ग्रामीणों के मामले का निष्पादन कर दिया गया।
 ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले हरदिया, रजौली पश्चिमी और अमावां पूर्वी  पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्रखंड  स्तरीय अधिकारी मौजूद थे उस समय जिला और पटना मुख्यालय से बड़े अधिकारियों का निरीक्षण हुआ था जिसके कारण अधिकारियों की उपस्थिती ठीक थी लेकिन इस बार सहयोग शिविर में अधिकारियों का उपस्थिति कम रहा ।बीडीओ संजीव झा ने कहा कि ग्रामीणों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है उनकी सभी समस्याओं का निष्पादन 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा। वहीं वीडियो ने बताया कि शिविर से पूर्व ग्रामीणों द्वारा कुल 30 आवेदन प्राप्त हुए थे जिन में 24 का निष्पादन शिविर में ही किया गया वहीं शिविर में पहुंचे 25 आवेदनों को संबंधित पदाधिकारी को सुपुर्द किया गया है । ग्रामीणों को किसी प्रकार का दिक्कतों का सामान नहीं करना पड़ेगा ।

रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गांव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया सनोज कुमार संगम रजौली प्रखंड के रजौली पूर्वी पंचायत के नावाडीह गाँव में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें एक दिन पूर्व 30 आवेदन आया और 24 आवेदन का निष्पादन किया गया एवं सहयोग शिविर में आए 25 आवेदन में 2 आवेदन का निष्पादन किया गया।वहीं प्रखंड स्तरीय अधिकांश अधिकारियों ने पूर्वी पंचायत क नावाडीह गांव पहुंचकर अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बताया कि शिविर का समय सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया था । ग्रामीणों ने कहा कि अपनी समस्या शिविर में अधिकारियों के पास रखा गया । जिसनें कुछ ग्रामीणों के मामले का निष्पादन कर दिया गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले हरदिया, रजौली पश्चिमी और अमावां पूर्वी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे उस समय जिला और पटना मुख्यालय से बड़े अधिकारियों का निरीक्षण हुआ था जिसके कारण अधिकारियों की उपस्थिती ठीक थी लेकिन इस बार सहयोग शिविर में अधिकारियों का उपस्थिति कम रहा ।बीडीओ संजीव झा ने कहा कि ग्रामीणों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है उनकी सभी समस्याओं का निष्पादन 30 दिनों के अंदर कर दिया जाएगा। वहीं वीडियो ने बताया कि शिविर से पूर्व ग्रामीणों द्वारा कुल 30 आवेदन प्राप्त हुए थे जिन में 24 का निष्पादन शिविर में ही किया गया वहीं शिविर में पहुंचे 25 आवेदनों को संबंधित पदाधिकारी को सुपुर्द किया गया है । ग्रामीणों को किसी प्रकार का दिक्कतों का सामान नहीं करना पड़ेगा ।

Rajauli, Nawada | Aug 5, 2026

RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि जो लोग चमचे हैं उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाना होगा। 

इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए पूछ लिया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। बस इसी के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और शक्ति यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी। 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं, कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं और अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। 

भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। 

दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि जो लोग चमचे हैं उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाना होगा। इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए पूछ लिया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। बस इसी के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और शक्ति यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी। 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं, कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं और अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

Rajauli, Nawada | Aug 5, 2026

बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने

 SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना  आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे।

मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए।

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा।

सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।

बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा। सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।

Rajauli, Nawada | Aug 5, 2026

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा मखाना का प्रसंस्करण, स्थापित होंगे आधुनिक पॉपिंग सेंटर कृषि उत्पादों के निर्यात को मिलेगा नया आयाम, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित होगी पूरी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण, निर्यात को मिलेगा नया विस्तार-विजय कुमार सिन्हा पटना।कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात की समीक्षा के उपरान्त कहा कि बिहार के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, अवसंरचना एवं परिवहन से जुड़े सभी पहलुओं पर समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक पूरी व्यवस्था विकसित करेगी। मंत्री ने कहा कि राज्य से निर्यात होने वाले कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि बिहार के उत्पाद वैश्विक बाजार की गुणवत्ता आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। मंत्री ने मखाना के निर्यात पर बल देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरूप मखाना तैयार करने के लिए आधुनिक मखाना पॉपिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों की स्थापना कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की देखरेख एवं तकनीकी मार्गदर्शन में की जाएगी। सरकार की सहायता से इन पॉपिंग सेंटरों पर आधुनिक पॉपिंग यंत्रों की व्यवस्था की जायेगी, जिससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिल सके। कृषि मंत्री ने कहा कि इन पॉपिंग सेंटरों पर किसान स्वयं अपने मखाना का पॉपिंग कर सकेंगे। इन पॉपिंग सेंटरों पर तैयार किया गया मखाना अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता एवं निर्यात मानकों के अनुरूप होगा। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ बिहार के मखाना की वैश्विक बाजार में मांग और पहचान भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किसानों एवं संबंधित हितधारकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। कृषि निर्यात के लिए आवश्यक कार्गाे उड़ानों की संख्या बढ़ाने, निर्यात अवसंरचना के विकास एवं आधुनिकीकरण तथा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं उनकी संख्या में वृद्धि के लिए भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार बिहार राज्य कृषि निर्यात नीति पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। इस नीति के लागू होने से राज्य में कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता संवर्धन, भंडारण, लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात को एक नई दिशा मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान होगा। कृषि मंत्री ने कहा, हम उत्पादन तो करते हैं और अपने उत्पाद को खेत एवं खलिहान से बाजार तक भी ले आते हैं, लेकिन बंदरगाह तक पहुंचाने का कार्य कोई और करता है। अब आवश्यकता है कि बिहार अपने कृषि उत्पादों के निर्यात की पूरी श्रृंखला को मजबूत करे, ताकि हमारे किसानों के उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचें और उसका अधिकतम लाभ किसानों को ही मिले। उन्होंने कहा कि बिहार में कृषि निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, गुणवत्ता प्रमाणन, परिवहन, निर्यात अवसंरचना एवं वैश्विक बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, ताकि बिहार के कृषि उत्पाद विश्व बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकें। - Rajauli News