
टायर पायरोलिसिस प्लांट के अवैध संचालन पर हाईकोर्ट सख्त: याचिका स्वीकार, संबंधित विभागों व प्लांटों को नोटिस जारी👇
मुरैना। लोहगड़ क्षेत्र में संचालित रेड जोन कैटेगरी के टायर पायरोलिसिस प्लांटों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और उनके अवैध संचालन के खिलाफ ग्रामीणों का संघर्ष अब कानूनी रंग लाने लगा है। इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेंद्र मावई द्वारा ग्वालियर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने विषय की गंभीरता को देखते हुए संबंधित शासकीय विभागों और संबंधित टायर प्लांटों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
लोहगड़ क्षेत्र में स्थापित इन टायर पायरोलिसिस प्लांटों से उठने वाले जहरीले धुएं और प्रदूषण से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। स्थानीय निवासियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन करने और प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई बार विभागीय जांचें तो हुईं, लेकिन कागजी खानापूर्ति के आगे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर डॉ. योगेंद्र मावई ने ग्रामीणों के समर्थन में 9 सितंबर को हाईकोर्ट ग्वालियर की शरण ली और जनहित याचिका दाखिल की। मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया एवं जस्टिस दिव्या शुक्ला की युगल पीठ ने इस संवेदनशील और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को अत्यंत गंभीर माना।
आमतौर पर प्रदूषण और पर्यावरण से जुड़े मामलों में न्यायालय याचिकाकर्ताओं को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) जाने की सलाह देता है। हालांकि, रेड कैटेगरी के इन प्लांटों द्वारा फैलाए जा रहे भारी प्रदूषण और अवैध संचालन के पुख्ता तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका को सीधे स्वीकार किया और प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर तय की है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से जहां एक ओर प्रदूषण फैला रहे प्लांट संचालकों और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण जगी है। Morena Breaking Namastemorena Morena AajTak Yogendra Yadav Dr Yogendra Mavai Ravi Annana Morena
Morena, Morena | Oct 1, 2026