
सारण में मनरेगा घोटाले पर बड़ा एक्शन: डीडीसी की जांच में गड़बड़ी उजागर, मुखिया समेत 7 पर FIR
छपरा: सारण जिले में मनरेगा योजनाओं में अनियमितताओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। मांझी प्रखंड की लेजुअर ग्राम पंचायत में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) लक्ष्मण तिवारी के औचक निरीक्षण में वित्तीय गड़बड़ी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और मेट समेत सात लोगों के खिलाफ दाउदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही दोषी पाए गए संविदा कर्मियों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पांच योजनाओं की हुई जांच
डीडीसी लक्ष्मण तिवारी ने सोमवार को मांझी प्रखंड की लेजुअर पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित पांच योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इनमें पईन की उड़ाही (सफाई एवं खुदाई) और निजी वृक्षारोपण से जुड़ी योजनाएं शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों का मौके पर किए जा रहे कार्यों से मिलान किया गया।
तीन योजनाओं में वित्तीय गड़बड़ी मिली
जांच में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान पंचायत समिति सदस्य के माध्यम से कराई जा रही पईन उड़ाही की तीन योजनाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई। मौके पर कार्य की वास्तविक स्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज विवरण में अंतर पाया गया, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई गई।
वृक्षारोपण योजनाओं में घटिया सामग्री का इस्तेमाल
निरीक्षण के दौरान निजी वृक्षारोपण की दो योजनाओं में भी निर्धारित मानकों के विपरीत निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग पाया गया। इससे योजनाओं की गुणवत्ता और सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो गए।
मुखिया समेत सात लोगों पर FIR
मामले को गंभीर मानते हुए दाउदपुर थाना में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इनमें लेजुअर पंचायत की मुखिया माधुरी देवी, पंचायत समिति सदस्य बबीता देवी, मांझी के कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, मेट समेत अन्य संबंधित लोगों को नामजद किया गया है। सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
संविदा कर्मियों को हटाने की तैयारी
डीडीसी ने योजनाओं में लापरवाही और अनियमितता के लिए जिम्मेदार संविदा कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक, पंचायत रोजगार सेवक और मेट को संविदा सेवा से मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार, वित्तीय गड़बड़ी या गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य पंचायतों में भी मनरेगा योजनाओं से जुड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया है।
Chapra, Saran | Jul 15, 2026