
सिरमौर की इस पंचायत का बड़ा फैसला: शादी में 100 से ज्यादा बाराती नहीं, शराब और दहेज पर भी रोक; नियम तोड़ने पर 50 हजार जुर्माना
नाहन/सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरि क्षेत्र की धारवा ग्राम पंचायत ने सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शादी-विवाह से जुड़े कई नए नियम लागू किए हैं। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के तहत अब शादी में अधिकतम 100 बाराती ही शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा विवाह समारोह में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है तथा दहेज लेने और देने पर भी रोक रहेगी। साथ ही शादी में अधिकतम 15 वाहन ले जाने और फास्ट फूड पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। पंचायत द्वारा महिलाओं के आभूषणों को लेकर भी नियम तय किए गए हैं, जिसके अनुसार शादी समारोह में केवल कान की बालियां, नाक की तिली (नथ) और मंगलसूत्र ही पहनने की अनुमति होगी।
ग्राम सभा के निर्णय के अनुसार यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 50 हजार रुपये का सामुदायिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा सामाजिक स्तर पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। पंचायत का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य विवाह समारोहों में बढ़ते फिजूलखर्च को रोकना, दहेज जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ने वाले अनावश्यक बोझ को कम करना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू कोई सरकारी कानून नहीं है, बल्कि सिरमौर जिले की धारवा ग्राम पंचायत द्वारा अपने क्षेत्र के लिए ग्राम सभा में सर्वसम्मति से लिया गया सामुदायिक फैसला है।
इस फैसले पर आपकी क्या राय है? क्या ऐसी पहल पूरे प्रदेश में लागू होनी चाहिए या यह फैसला केवल पंचायत स्तर तक ही सीमित रहना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताएं।
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