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उत्तर प्रदेश के आगरा में #साध्वी प्राची का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन युवतियों पर टिप्पणी की, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। मीडिया से बातचीत के दौरान साध्वी प्राची ने कहा कि लोग उन युवतियों की तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें, "कहीं वे आपके घर की बहू न बन जाएं।" उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। साध्वी प्राची ने अपने बयान में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं, इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने साध्वी प्राची के बयान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे अनुचित और विवादित टिप्पणी बताया। फिलहाल, इस बयान पर संबंधित प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला राजनीतिक विमर्श में भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक बयानों की सीमाओं को लेकर एक नई बहस का विषय बन गया है।

Gormi, Bhind | Aug 5, 2026
उत्तर प्रदेश के आगरा में #साध्वी प्राची का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन युवतियों पर टिप्पणी की, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। मीडिया से बातचीत के दौरान साध्वी प्राची ने कहा कि लोग उन युवतियों की तस्वीरें अपने मोबाइल में सुरक्षित रख लें, "कहीं वे आपके घर की बहू न बन जाएं।" उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। साध्वी प्राची ने अपने बयान में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं, इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने साध्वी प्राची के बयान का समर्थन किया, जबकि अन्य ने इसे अनुचित और विवादित टिप्पणी बताया। फिलहाल, इस बयान पर संबंधित प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला राजनीतिक विमर्श में भाषा की मर्यादा और सार्वजनिक बयानों की सीमाओं को लेकर एक नई बहस का विषय बन गया है। - Gormi News