जिसने उंगली पकड़कर मुझे चलना सिखाया, संस्कार दिए, इस दुनिया में मेरी पहचान बनाई… आज वही मुझे छोड़कर चले गए।
पिताजी, आपका इस तरह चले जाना आज भी मेरी समझ से परे है।
दिल मानने को तैयार नहीं कि अब आप हमारे बीच नहीं हैं।
आपकी कमी जिंदगी भर खलेगी…
आप हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगे। 🥀🙏
ॐ शांति।