
चीन में भारत का परचम लहराकर लौटे हिमाचल के होनहार वॉलीबॉल खिलाड़ी, शिमला में हुआ भव्य स्वागत
शिमला | न्यूज़ टुडे हिमाचल ब्यूरो
चीन में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर हिमाचल प्रदेश के होनहार खिलाड़ी स्वदेश लौट आए हैं। शिमला पहुंचने पर खिलाड़ियों का खेल प्रेमियों, परिजनों और स्थानीय प्रशासन ने पारंपरिक अंदाज में गर्मजोशी से स्वागत किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।
भारतीय टीम में हिमाचल के अरनव चौहान, ऋतिक (टीम कप्तान), युवराज सिंह, विराज, वंश शर्मा तथा महिला वर्ग में अर्चिता और कीर्ति चंदेल शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों ने विश्वभर की 36 मजबूत टीमों के बीच शानदार प्रदर्शन कर भारत का मान बढ़ाया। उनके दमदार स्मैश, मजबूत डिफेंस और बेहतरीन टीमवर्क की अंतरराष्ट्रीय कोचों एवं खेल विशेषज्ञों ने भी सराहना की।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा निदेशक आशीष कोहली (IAS), एसजीएफआई के महासचिव डॉ. अमरजीत, स्पोर्ट्स डिप्टी डायरेक्टर संतोष चौहान, टेक्निकल ऑफिसर सुरेंद्र शर्मा, अंतरराष्ट्रीय कोच देवेंद्र, सतीश शर्मा, लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन राजेश शर्मा, प्रदीप सावंत, जीतेश्वर दत्ता और वीरेंद्र ठाकुर सहित कई खेल हस्तियों ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
बधाई संदेश में कहा गया कि हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इन खिलाड़ियों ने साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर विश्व स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है। उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
स्वदेश लौटने पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए खिलाड़ी अरनव चौहान ने कहा, "चीन की धरती पर भारतीय जर्सी पहनकर तिरंगे का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण और भावुक पल था। प्रतियोगिता बेहद चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन इस अनुभव ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मैं अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और प्रदेशवासियों के आशीर्वाद को देता हूँ।"
शिक्षा विभाग ने भी खिलाड़ियों को भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए हरसंभव सहयोग और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
हिमाचल के इन सितारों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और हौसले के दम पर विश्व मंच पर भी तिरंगा गर्व से लहराया जा सकता है। 🇮🇳🏐