आदिवासी विकासखंड कराहल के छात्रवासों में अव्यवस्था का आलमः
*चौकीदार और चपरासी के भरोसे टिके दूरदराज के छात्रावास, मीडिया के प्रवेश पर भी बंदिश*
कराहल/
आदिवासी विकासखंड कराहल के ग्रामीण एवं दूरदराज के अंचलों में संचालित शासकीय छात्रावास इन दिनों भारी कुप्रबंधन और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रहे हैं। जिम्मेदार अधीक्षकों की मनमानी और अनुपस्थिति के कारण छात्रावासों का संचालन पूरी तरह से चौकीदारों और चपरासियों के हवाले छोड़ दिया गया है।
अधीक्षक नदारद, भृत्य संभाल रहे जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकांश छात्रावासों में पदस्थ अधीक्षक नियमित रूप से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं रहते। हफ्तों तक गायब रहने वाले ये अधिकारी फोन पर ही व्यवस्थाएं संचालित करते हैं। नतीजतन, बच्चों के खान-पान, सुरक्षा, स्वच्छता और पढ़ाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की देखरेख चौकीदार व भृत्य (चपरासी) को करनी पड़ रही है। कमियां छुपाने के लिए मीडिया पर रोक अपनी लापरवाही, भोजन की खराब गुणवत्ता और अव्यवस्थाओं को उजागर होने से बचाने के लिए हॉस्टल प्रबंधन ने नया तरीका खोज निकाला ह