
सिर्फ 22 साल की उम्र में अरसलान की जिंदगी हादसे में बदल दी… क्या समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान?
हल्द्वानी। एक सड़क हादसा… एक परिवार की उम्मीदें… और महज 22 साल का अरसलान। आज यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल बनकर खड़ा है।
बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार अर्टिगा की टक्कर के बाद अरसलान और उसका साथी सड़क किनारे घायल हालत में पड़े रहे। आरोप है कि कार में सवार लोग मौके से चले गए। काफी समय बाद राहगीरों ने घायलों को देखा और अस्पताल पहुंचाया।
जरा सोचिए… अगर हादसे के तुरंत बाद कार सवार भागने के बजाय रुक जाते, राहगीरों से मदद मांगते और घायल अरसलान को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करते, तो क्या स्थिति अलग हो सकती थी?
इसका जवाब निश्चित तौर पर कोई नहीं दे सकता, लेकिन सड़क हादसे में हर मिनट कीमती होता है।
अरसलान के परिवार ने शायद उसके लिए बड़े सपने देखे होंगे। 22 साल की उम्र में किसी बेटे का इस तरह गंभीर घायल होकर अस्पताल पहुंचना पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ देता है।
यह खबर सिर्फ संवेदना जताने के लिए नहीं है, बल्कि हर वाहन चालक के लिए एक चेतावनी है।
हादसा हो जाए तो भागिए मत।
घायल को अकेला मत छोड़िए।
तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दीजिए।
राहगीरों से मदद मांगिए और घायल को चिकित्सा सहायता दिलाने की कोशिश कीजिए।
क्योंकि हो सकता है आपकी कुछ मिनट की मदद किसी की जिंदगी बचा दे।
और अगर हादसे के बाद कोई व्यक्ति घायल को सड़क पर छोड़कर भाग जाता है, तो सवाल सिर्फ पुलिस की कार्रवाई का नहीं, इंसानियत का भी है।
आज अरसलान है… कल कोई अपना भी हो सकता है।
I7 NEWS | सड़क पर हादसा हो तो इंसानियत सबसे पहले।