
*हिमाचल की डॉ. अर्चना ठाकुर बनीं ONGC की स्वतंत्र निदेशक*
*ONGC के बोर्ड में हिमाचल की महिला को बड़ी जिम्मेदारी, प्रदेश के लिए गौरव*
*शिमला*
हिमाचल प्रदेश की शिक्षाविद्, प्रशासक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अर्चना ठाकुर को देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) नियुक्त किया गया है। देश की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली ONGC जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के बोर्ड में हिमाचल की महिला को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने डॉ. अर्चना ठाकुर की नियुक्ति की है। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार उन्हें कंपनी के बोर्ड में गैर-सरकारी निदेशक (Non-Official Director) के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि के लिए तक प्रभावी रहेगी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से इस संबंध में ONGC के अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। मंत्रालय के पत्र के अनुसार सक्षम प्राधिकारी ने डॉ. अर्चना ठाकुर को कंपनी के बोर्ड में गैर-सरकारी निदेशक के रूप में नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद ONGC के बोर्ड ने उन्हें स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया।
*देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों में शामिल है ONGC*
ONGC देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की ऊर्जा कंपनियों में शामिल है और देश की ऊर्जा सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस की खोज एवं उत्पादन के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनियों में है। ऐसे में ONGC के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में डॉ. अर्चना ठाकुर की नियुक्ति को हिमाचल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
*शिक्षा, प्रबंधन, प्रशासन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव*
डॉ. अर्चना ठाकुर का शिक्षा, प्रबंधन, प्रशासन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उनकी स्कूली और कॉलेज शिक्षा शिमला में हुई। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई पूरी की और राजनीति विज्ञान में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। अकादमिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रबंधन, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कंपनी से जुड़ने से पहले डॉ. ठाकुर ने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह तकनीकी शिक्षा विभाग के व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान की प्रधानाचार्य, एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्कूल में सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रमुख, हिमाचल प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों में मार्केटिंग निदेशक तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), हिमाचल प्रदेश में सलाहकार के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं।
*सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भागीदारी रही हैं डॉ. अर्चना ठाकुर*
सामाजिक क्षेत्र में भी डॉ. अर्चना ठाकुर की सक्रिय भागीदारी रही है। वह विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से जुड़ी रही हैं और महिला सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक कल्याण तथा सामाजिक विकास से जुड़ी पहलों में सक्रिय योगदान देती रही हैं।
ONGC के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति उनके शैक्षणिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता, प्रबंधन क्षमता और सामाजिक क्षेत्र में लंबे योगदान की महत्वपूर्ण पहचान है। डॉ. अर्चना ठाकुर का देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों में शामिल ONGC के बोर्ड तक पहुंचना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है। यह नियुक्ति हिमाचल की महिलाओं की प्रतिभा, क्षमता और नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में भी देखी जा रही है।