
🙏 रवांई की आस्था का महापर्व, नाग देवताओं की पवित्र पालकियां पहुंची पाणीगांव। Trending #Hashtags: #नाग_देवता #रंवाई #सावन_मेला #देवभूमि_उत्तराखंड #लोकदेवता #नाग_देवता_पालकी_यात्रा #रंवाई_संस्कृति #उत्तरकाशी #पुरोला #यमुनाघाटी #सावन_2026 #सनातन_संस्कृति #धार्मिक_आस्था #उत्तराखंड_समाचार #PahaadSandesh #PahaadSandeshNews #Uttarkashi #DevbhoomiUttarakhand #HarHarMahadev #JaiNagDevta 🚩🙏
Puraula, Uttarkashi | Jul 19, 2026

🚩 बौंसी में उमड़ा आस्था का सैलाब... "जय मधुसूदन" के जयघोष से गूंज उठा पूरा नगर! 🙏✨ ऐतिहासिक मधुसूदन मंदिर से भगवान मधुसूदन की भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ निकाली गई। जैसे ही भगवान मधुसूदन चांदी के भव्य छत्र के नीचे सजे-धजे रथ पर विराजमान हुए, पूरा वातावरण "जय मधुसूदन", "राधे-राधे" और "जय मंदार" के जयघोष से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं के उत्साह ने बौंसी नगर को भक्तिमय बना दिया। बांका के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने रथ के दर्शन किए और रथ खींचकर स्वयं को धन्य माना। 📿 आस्था, भक्ति और परंपरा का यह अद्भुत संगम देखने लायक रहा। क्या आप भी इस ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल हुए थे? अपनी तस्वीरें और अनुभव कमेंट में जरूर साझा करें। #बौंसी #मधुसूदन_रथयात्रा #जय_मधुसूदन #Mandar #Banka #Bihar #धार्मिक_आस्था #रथयात्रा #NewsBanka20
Amarpur, Banka | Jul 17, 2026

"जय मधुसूदन के जयघोष से गूंजा बौंसी! हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा भगवान का भव्य रथ, उमड़ी आस्था की अपार भीड़" बौंसी (बांका)। ऐतिहासिक मधुसूदन मंदिर से गुरुवार को भगवान मधुसूदन की पारंपरिक रथ यात्रा पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजन-अर्चना के बाद भगवान को अलंकृत रथ पर विराजमान कराया गया। रथ यात्रा में बिहार के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। "जय मधुसूदन", "राधे-राधे" और "जय मंदार" के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भगवान के रथ को खींचकर अपनी आस्था प्रकट की। #मैं_हूं_बांका #BankaNews #मधुसूदन_रथयात्रा #बौंसी #जय_मधुसूदन #जय_मंदार #धार्मिक_आस्था #BreakingNews #BiharNews
Amarpur, Banka | Jul 16, 2026

सलूणी। आस्था और श्रद्धा के प्रतीक त्रुंयूदी माता जातर मेला 2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मेले में क्षेत्र सहित दूर-दराज़ इलाकों से हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला तथा श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ भव्य लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सौहार्द का यह संगम मेले का मुख्य आकर्षण बना रहा। सुनील पहाड़ी ✍️ Pahadi News Suneel Pahadi #त्रुंयूदीमाता #जातरमेला2026 #सलूणी #श्रद्धालुओं_की_उमड़ी_भीड़ #धार्मिक_आस्था #चंबा #हिमाचलप्रदेश #Salooni #ChambaNews #HimachalNews
Chamba, Chamba | Jun 15, 2026

सरनौल मेले में उमड़ी हजारों की भीड़ TopFan यमुनावैली के बड़कोट तहसील अंतर्गत पांडव गांव के नाम से प्रसिद्ध सरनौल गांव में मां रेणुका के पौराणिक ज्येष्ठ मेले की धूम रही। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सदियों पुरानी परंपराओं से सराबोर इस मेले में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां रेणुका के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले के दौरान पांच गांवों की आराध्य देवी मां रेणुका की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने मां रेणुका से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मेले में पारंपरिक तांदी, रासो और डोली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल-दमाऊं की थाप पर लोक कलाकारों और ग्रामीणों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने लोक संस्कृति के रंग बिखेरते हुए मेले को यादगार बना दिया। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता दीपक बिजल्वाण ने मेले में पहुंचकर क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पहाड़ों के मेले केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं के संरक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। सरनौल स्थित मां रेणुका का प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ माह की 22 गते को यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान देवी की डोली गांव के प्रत्येक घर पहुंचती है और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करती है। मेले का सबसे रोमांचक और आस्था से जुड़ा दृश्य कपुआ कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला। मान्यता के अनुसार देवी के अवतरण के बाद पश्वा ने नंगे पैर धारदार फरसों पर चलकर क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जैसे ही पश्वा फरसों पर चले, पूरा परिसर मां रेणुका के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के समापन पर डोली नृत्य, तांदी और रासो की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। देर शाम तक श्रद्धालु लोक संस्कृति और आस्था के इस महापर्व का आनंद लेते रहे। #मां_रेणुका_मेला #सरनौल #पांडव_गांव #उत्तरकाशी #बड़कोट #यमुनावैली #देवी_आस्था #लोकसंस्कृति #ज्येष्ठ_मेला #डोली_नृत्य #तांदी #रासो #उत्तराखंड_संस्कृति #देवभूमि_उत्तराखंड #पहाड़_की_पहचान #धार्मिक_आस्था #वायरल_न्यूज़ #Uttarkashi #JaunsarBawar
Puraula, Uttarkashi | Jun 6, 2026