
आजादी के 7 दशक बाद भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण! चाईबासा के सोनुआ क्षेत्र के बनुआ और सोनापोस गाँव के ग्रामीणों का दर्द अब आंदोलन का रूप ले चुका है। आजादी के 76 साल बाद भी यहाँ के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गाँव के चापाकल सूखे हैं और महिलाओं को 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। 15 साल पहले बनी जलापूर्ति योजना आज भी सिर्फ कागजों और सफेद हाथी की तरह खड़ी है। अब और नहीं! आजसू नेता अमित महतो और डॉ० दिनेश चंद्र बोयपाई के नेतृत्व में ग्रामीणों ने "पेयजल जन आंदोलन" का बिगुल फूंक दिया है। ग्रामसभा कर उपायुक्त (DC) के नाम मांगपत्र तैयार किया गया है। प्रशासन को 1 महीने का अल्टीमेटम दिया गया है, अगर समाधान नहीं हुआ तो जिला और प्रखंड कार्यालय में आमरण अनशन होगा। #Sarandalive #ChaibasaNews #WaterCrisis #Pe पेयजल_जन_आंदोलन #Jharkhand #Sonua #AJSU #RightToWater #WestSinghbhum
Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jun 18, 2026

चित्रकूट: 'अमृतकाल' के दावों के बीच बूंद-बूंद पानी को तरसती जनता, किताबों की उम्र में बाल्टियां ढो रहे मासूम! 😭🪣'अमृतकाल' और 'हर घर जल योजना' के बड़े-बड़े प्रशासनिक दावों के बीच चित्रकूट जनपद से आ रही ये तस्वीरें जमीनी हकीकत बयां कर रही हैं और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। जिस मासूम उम्र में इन बच्चों के हाथों में स्कूल की किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में वे चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में सिर पर पानी की बाल्टियां और डिब्बे ढोने को मजबूर हैं। पानी के इंतजाम में इन बच्चों का बचपन और पढ़ाई दोनों दांव पर लगे हैं। आखिर कब तक?पाठा और चित्रकूट की जनता कब तक बूंद-बूंद पानी के लिए इस तरह संघर्ष करती रहेगी? हर साल करोड़ों के बजट और कागजी योजनाओं के बाद भी धरातल पर स्थितियां जस की तस क्यों हैं? प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर स्थाई संज्ञान कब लेंगे? #Chitrakoot #WaterCrisis #Bundelkhand #Patha #RightToWater #AmritKaal #HumanRights #SocialIssue
Manikpur, Chitrakoot | Jun 4, 2026