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Plantnutrition

🌾 जिंक सल्फेट कब, कितना और कैसे डालें? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी गलती!

जिंक (Zn) फसलों के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर पौधों की बढ़वार रुक जाती है, पत्तियां छोटी और पीली पड़ने लगती हैं, कल्ले कम बनते हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है।

लेकिन केवल जिंक सल्फेट डाल देना ही पर्याप्त नहीं है। यदि इसे गलत समय, गलत मात्रा या गलत तरीके से दिया जाए, तो इसका पूरा लाभ नहीं मिलता, बल्कि फास्फोरस जैसे अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है।

✅ 21% जिंक सल्फेट: 10 किलोग्राम प्रति एकड़
✅ 33% जिंक सल्फेट: 6 किलोग्राम प्रति एकड़
✅ 21% स्प्रे: 5 ग्राम प्रति लीटर पानी
✅ 33% स्प्रे: 3 ग्राम प्रति लीटर पानी

सबसे महत्वपूर्ण बात:
✔️ जिंक सल्फेट को बुवाई या रोपाई के समय देना सबसे अधिक लाभकारी होता है।
✔️ डीएपी, एसएसपी या फास्फोरस युक्त एनपीके उर्वरकों के साथ मिलाकर कभी प्रयोग न करें।
✔️ खड़ी फसल में कमी दिखाई दे तो मिट्टी में डालने की बजाय स्प्रे करना अधिक प्रभावी रहता है।
✔️ मृदा परीक्षण के आधार पर ही जिंक का प्रयोग करें।

सही समय, सही मात्रा और सही विधि से जिंक सल्फेट का उपयोग करके आप फसल की बढ़वार, जड़ों का विकास और उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं।

क्या आपने इस सीजन में अपने खेत में जिंक सल्फेट का प्रयोग किया है? कमेंट में अपनी फसल और अनुभव जरूर बताएं।

#ZincSulphate #ZincDeficiency #Micronutrients #PlantNutrition

🌾 जिंक सल्फेट कब, कितना और कैसे डालें? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी गलती! जिंक (Zn) फसलों के लिए एक आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर पौधों की बढ़वार रुक जाती है, पत्तियां छोटी और पीली पड़ने लगती हैं, कल्ले कम बनते हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। लेकिन केवल जिंक सल्फेट डाल देना ही पर्याप्त नहीं है। यदि इसे गलत समय, गलत मात्रा या गलत तरीके से दिया जाए, तो इसका पूरा लाभ नहीं मिलता, बल्कि फास्फोरस जैसे अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता भी प्रभावित हो सकती है। ✅ 21% जिंक सल्फेट: 10 किलोग्राम प्रति एकड़ ✅ 33% जिंक सल्फेट: 6 किलोग्राम प्रति एकड़ ✅ 21% स्प्रे: 5 ग्राम प्रति लीटर पानी ✅ 33% स्प्रे: 3 ग्राम प्रति लीटर पानी सबसे महत्वपूर्ण बात: ✔️ जिंक सल्फेट को बुवाई या रोपाई के समय देना सबसे अधिक लाभकारी होता है। ✔️ डीएपी, एसएसपी या फास्फोरस युक्त एनपीके उर्वरकों के साथ मिलाकर कभी प्रयोग न करें। ✔️ खड़ी फसल में कमी दिखाई दे तो मिट्टी में डालने की बजाय स्प्रे करना अधिक प्रभावी रहता है। ✔️ मृदा परीक्षण के आधार पर ही जिंक का प्रयोग करें। सही समय, सही मात्रा और सही विधि से जिंक सल्फेट का उपयोग करके आप फसल की बढ़वार, जड़ों का विकास और उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं। क्या आपने इस सीजन में अपने खेत में जिंक सल्फेट का प्रयोग किया है? कमेंट में अपनी फसल और अनुभव जरूर बताएं। #ZincSulphate #ZincDeficiency #Micronutrients #PlantNutrition

Mariahu, Jaunpur | Jul 13, 2026

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