
नमामि गंगे योजना की पाइपलाइन बनी शोपीस! दो महीने बाद भी 27 घरों तक नहीं पहुंचा पानी सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान, ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन उरई/कालपी (जालौन) केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे पेयजल योजना ग्राम आटा में सवालों के घेरे में है। कालपी तहसील के कदौरा विकासखंड स्थित ग्राम आटा में करोड़ों रुपये की लागत से बिछाई गई पाइपलाइन और लगाए गए नल कनेक्शन फिलहाल ग्रामीणों के लिए केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। आरोप है कि करीब दो महीने पहले कनेक्शन दिए जाने के बावजूद 27 घरों में आज तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा, जिससे लोगों को रोजाना पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के केवल आधे हिस्से में ही जलापूर्ति हो रही है, जबकि शेष 27 परिवार योजना का लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया। मजबूर होकर ग्रामीणों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कुमार संजय को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई (आईजीआरएस) पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी, लेकिन शिकायत का समाधान आज तक धरातल पर दिखाई नहीं दिया। यदि शिकायत के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिलती, तो फिर जनसुनवाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। बरसात और उमस के बीच पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में योजना पूरी दिखाई जा सकती है, लेकिन हकीकत में दर्जनों परिवार अब भी पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। लोगों का सवाल है कि जब पाइपलाइन बिछ चुकी है और कनेक्शन भी दे दिए गए हैं, तो आखिर जलापूर्ति शुरू क्यों नहीं की जा रही? जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और जिन 27 घरों तक अब तक पानी नहीं पहुंचा है, वहां तत्काल नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन देने वालों में रानी विश्वकर्मा, गौरव कुमार, अवधेश कुमार, राममोहन, लखन कुमार, नरेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब सवाल उठते हैं… - आखिर दो महीने बाद भी 27 घरों तक पानी क्यों नहीं पहुंचा? - क्या नमामि गंगे योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है? - सीएम पोर्टल पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? - जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी? - क्या ग्रामीणों को उनका मूल अधिकार समय पर मिल पाएगा? आपकी क्या राय है? क्या सरकारी योजनाओं की नियमित निगरानी होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #BreakingNews #Jalaun #Kalpi #Kadaura #GramAata #NamamiGange #WaterCrisis #DrinkingWater #UPNews #CMPortal #IGRS #GraminNews #GroundReport #PublicIssue #VillageNews #Urai #SonuMaharaj #CrimeReporter #JalaunNews #UPGovernment #NalJalYojana #WaterSupply #ViralNews #HindiNews #LocalNews #Journalism #JanSamasya #PublicVoice #Bundelkhand
Kalpi, Jalaun | Jul 24, 2026

भैंसदेही पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप सीसी सड़क के नाम पर लाखों की गड़बड़ी का दावा ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर लगाए गंभीर आरोप विकास कार्यों की जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन सड़क, पानी और नेटवर्क को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन#Betul #बैतूल #Bhainsdehi #भैंसदेही #Panchayat #Corruption #BreakingNews #MPNews #VillageNews #RoadIssue #NalJalYojana #RuralDevelopment #LatestNews
Madhya Pradesh, India | Jul 14, 2026

बिहार में विकास या बदहाली? कटिहार की सड़कों की ग्राउंड रिपोर्ट #Katihar #Bihar #BUDCO #NalJalYojana #RoadIssue #GroundReport #BreakingNews #IndiaNews #Infrastructure #CivicIssues
India | Jul 13, 2026

नल-जल योजना ने बिगाड़ी सड़कें डभौरा में कीचड़ और गड्ढों से लोग परेशान सड़क मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन करोड़ों की सड़क पर उठे सवाल वार्डवासियों का नगर परिषद पर आरोप#Rewa #Dabhoura #RewaNews #MPNews #MadhyaPradesh #NalJalYojana #RoadIssue #PublicProblem #Infrastructure #LocalNews #BreakingNews #GroundReport #WardNews #RuralDevelopment #MonsoonProblems
Madhya Pradesh, India | Jul 12, 2026

36 घंटे से बिजली गुल होने पर फूटा लोगों का गुस्सा, उजियारपुर के रायपुर गिरी टोला में हंगामा; बिजली कटौती की आड़ में शराब उतारने का आरोप. समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत रायपुर गिरी टोला में लगातार 36 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बिजली नहीं रहने के कारण नल-जल योजना पूरी तरह ठप हो गई, जिससे पेयजल संकट गहरा गया। इसके अलावा घरेलू कार्य, छोटे व्यवसाय और दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन और हंगामा किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फीडर बदलने के बाद से क्षेत्र में लगातार बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारी समाधान निकालने में विफल रहे हैं। हंगामे के दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि उजियारपुर फीडर के कनीय अभियंता मौके पर पहुंचे, लेकिन विरोध बढ़ता देख वहां से चले गए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में जानबूझकर बिजली काटी जाती है और इसी दौरान बिहार में प्रतिबंधित शराब की खेप ट्रकों से उतारी जाती है। इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल निर्बाध विद्युत आपूर्ति बहाल करने, फीडर संबंधी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। #Ujiarpur #Samastipur #ElectricityCrisis #PowerCut #BiharNews #RaipurGiriTola #NalJalYojana #ElectricityDepartment #PublicProtest #BreakingNews #StreamBihar
Ujiarpur, Samastipur | Jul 10, 2026