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ललितपुर: शहर के प्रतिष्ठित मनोहर मेडिकल पर खास चर्चा, घंटाघर स्थित साड़ी वाली लाइन के सामने लोगों का भरोसेमंद केंद्र बना मेडिकल स्टोर

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Lalitpur, Lalitpur | Jul 15, 2026

धाकड़ अफसरों ने कर दी थी बंदर बांट 
हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में कब्जा खाली कराने के दिए आदेश

चंडीगढ़/फरीदाबाद, 9 जुलाई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदाबाद के सेक्टर-16ए स्थित मेट्रो अस्पताल के समीप पार्किंग क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी मेडिकल बूथ के आवंटन को नियमों के विपरीत माना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर उक्त स्थल का कब्जा वापस लिया जाए। यदि निर्धारित अवधि में कब्जा खाली नहीं किया जाता है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए।  

यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बहल और न्यायमूर्ति सुभाष मेहला की खंडपीठ ने शकुंतला देवी बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य मामले में 7 जुलाई 2026 को पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम ने बिना किसी निर्धारित नीति, स्वीकृति और सार्वजनिक प्रक्रिया के एक व्यक्ति को पार्किंग स्थल में अस्थायी मेडिकल बूथ आवंटित कर दिया, जिससे समान पात्र व्यक्तियों के अधिकार प्रभावित हुए।  

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरियाणा में पार्किंग स्थलों पर इस प्रकार के अस्थायी बूथ आवंटित करने की कोई नीति नहीं है और बिना विज्ञापन जारी किए केवल एक व्यक्ति को लाभ देना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।  

सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से बताया गया कि संबंधित महिला 100 प्रतिशत दिव्यांग एवं विधवा है। मानवीय आधार पर उसे 11 महीने के लिए अस्थायी बूथ दिया गया था, लेकिन मार्च 2026 के बाद उसकी अवधि नहीं बढ़ाई गई।  

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि संबंधित बूथ पार्किंग के लिए आरक्षित सार्वजनिक भूमि पर बनाया गया था और उसका आवंटन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमों एवं नीति का पालन किए बिना किया गया। यदि नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाती तो अन्य पात्र व्यक्ति भी आवेदन कर सकते थे।  

अदालत ने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारी सार्वजनिक संपत्ति के ट्रस्टी हैं और उनका दायित्व है कि सार्वजनिक भूमि का उपयोग केवल उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए, निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत तरीके से हो। हालांकि, संबंधित महिला की 100 प्रतिशत दिव्यांगता और व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अधिकारियों के विरुद्ध किसी कठोर कार्रवाई का आदेश नहीं दिया।
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धाकड़ अफसरों ने कर दी थी बंदर बांट हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में कब्जा खाली कराने के दिए आदेश चंडीगढ़/फरीदाबाद, 9 जुलाई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदाबाद के सेक्टर-16ए स्थित मेट्रो अस्पताल के समीप पार्किंग क्षेत्र में बनाए गए अस्थायी मेडिकल बूथ के आवंटन को नियमों के विपरीत माना है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर उक्त स्थल का कब्जा वापस लिया जाए। यदि निर्धारित अवधि में कब्जा खाली नहीं किया जाता है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बहल और न्यायमूर्ति सुभाष मेहला की खंडपीठ ने शकुंतला देवी बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य मामले में 7 जुलाई 2026 को पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम ने बिना किसी निर्धारित नीति, स्वीकृति और सार्वजनिक प्रक्रिया के एक व्यक्ति को पार्किंग स्थल में अस्थायी मेडिकल बूथ आवंटित कर दिया, जिससे समान पात्र व्यक्तियों के अधिकार प्रभावित हुए। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हरियाणा में पार्किंग स्थलों पर इस प्रकार के अस्थायी बूथ आवंटित करने की कोई नीति नहीं है और बिना विज्ञापन जारी किए केवल एक व्यक्ति को लाभ देना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से बताया गया कि संबंधित महिला 100 प्रतिशत दिव्यांग एवं विधवा है। मानवीय आधार पर उसे 11 महीने के लिए अस्थायी बूथ दिया गया था, लेकिन मार्च 2026 के बाद उसकी अवधि नहीं बढ़ाई गई। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि संबंधित बूथ पार्किंग के लिए आरक्षित सार्वजनिक भूमि पर बनाया गया था और उसका आवंटन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमों एवं नीति का पालन किए बिना किया गया। यदि नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाती तो अन्य पात्र व्यक्ति भी आवेदन कर सकते थे। अदालत ने यह भी कहा कि सरकारी अधिकारी सार्वजनिक संपत्ति के ट्रस्टी हैं और उनका दायित्व है कि सार्वजनिक भूमि का उपयोग केवल उसके निर्धारित उद्देश्य के लिए, निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत तरीके से हो। हालांकि, संबंधित महिला की 100 प्रतिशत दिव्यांगता और व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अधिकारियों के विरुद्ध किसी कठोर कार्रवाई का आदेश नहीं दिया। #HighCourt #Order #medicalstore #Parking #Sector16 #faridabad #voiceoffaridabad #Voiceoffreedom

Panipat, Panipat | Jul 9, 2026

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